MP News: आवारा पशुओं से हताश किसान ने लोक भाषा में सुनाई ऐसी व्यथा, सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा वीडियो

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Troubled by the cattle, the farmer sang a poem in folk language Bagheli आवारा पशुओं से हताश किसान का वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है

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  • Publish Date - February 8, 2023 / 01:10 PM IST,
    Updated On - February 8, 2023 / 01:12 PM IST

Farmer sings poem in folk language Bagheli regarding cattle

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Farmer sings poem in folk language Bagheli regarding cattle: रीवा। जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र के रहने वाले किसान बालमुकुंद त्रिपाठी के द्वारा लिखी गई एक कविता ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है जिसमें बालमुकुंद त्रिपाठी ने गीत का गायन भी किया है और अब उनकी यह कविता विंध्य क्षेत्र के लोग खासा पसंद कर रहे हैं, बालमुकुंद त्रिपाठी ने गीत में पिरोई इस कविता में आवारा मवेशियों से परेशान किसानों की व्यथा सुनाई है।

आवारा मवेशियों से परेशान

गली मोहल्ले और खेतों में घूमते हुए आवारा पशु किसानो के लिए आफत बने हुए है। हाइवे में भी आवारा मवेशियों का डेरा रहता है, वहीं खेतों में घुसकर मवेशी फसल को बर्बाद कर रहे है, जिससे फसलों को भारी नुकसान के चलते किसान परेशान है। ऐसे में आवारा मवेशी गांव के खेत और गलियारों से लेकर शहर के सड़क तक एक बड़े समस्या के रूप में है। इस समस्या को रीवा के कवि बालमुकुंद त्रिपाठी ने अपने कविता में पिरोया है। इसी कविता के माध्यम से आवारा मवेशियों से परेशान किसान ने ऐरा पशु को लेकर अपनी समस्या बताई है, यह कविता लोक भाषा बघेली में किसान बालमुकुंद त्रिपाठी ने लिखी है। आवारा मवेशियों को लेकर गाई गई कविता सोशल मीडिया में तेजी के साथ हो रही वायरल होने लगी है।

सोशल मीडिया पर खूब हो रहा वायरल

Farmer sings poem in folk language Bagheli regarding cattle: वायरल वीडियो में किसान ने आवारा मवेशियों से परेशान किसानों की व्यथा सुनाई है। कविता के माध्यम से किसान यह बताने का प्रयास कर रहे है कि सड़क में आवारा मवेशी दुर्घटना की वजह बनते हैं, वही रेलवे ट्रैक और प्लेटफार्म के अंदर भी आवारा मवेशी पहुंच जाते हैं। जिससे यात्रियों की जान जोखिम में रहती है। आवारा मवेशी किसानो की पूरी की पूरी खेती बर्बाद कर देते है। इस पूरी समस्या को बड़े ही अनोखे अंदाज में रीवा के किसान बघेली में कविता के माध्यम से बयां करने लगे है। आवारा पशु को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम भी ये किसान कर रहे हैं। जिससे लोग अपने मवेशियों को खुलेआम ना छोड़े और लावारिस मवेशियों के लिए गौशाला का इंतजाम किया जाए।

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