Reported By: Ravihemraj Sisodiya
,Uday Bhanu Chib Controversial statement, image source: ibc24
Indore News: मध्यप्रदेश के इंदौर में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब का विवादित बयान सामने आया है। (Uday Bhanu Chib Controversial statement) प्रेस कांफ्रेंस में उदय भानु चिब ने भारत पाकिस्तान विभाजन के प्रमुख नेता रहे मुहम्मद अली जिन्ना को जिन्ना जी कहकर संबोधित किया। जिसके बाद से उनका वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।
आपको बता दें कि यह वाक्या इंदौर में प्रेस कॉंफ्रेंस के दौरान देखने को मिला। जब यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु देश के बलिदान में महापुरुषों के नाम गिना रहे थे। जिसमें उन्होंने कहा कि 1947 में देश की आज़ादी में कई पूर्वजों का बलिदान था। उसी दौरान उदय भानु ने जिन्ना को ‘जिन्नाजी’ कहकर संबोधित किया।
इंदौर यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने इंदौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। (Uday Bhanu Chib Controversial statement) उन्होंने कहा कि बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि उन्हें इस मुद्दे को लेकर इंदौर आना पड़ा है। इस दौरान आज़ादी के संघर्ष में महापुरुषों के नाम गिनाते हुए जिन्ना को ‘जिन्ना जी’ कहकर विवादित बयान दे दिया ।
उदय भानु चिब ने कहा कि इंदौर में इस तरह की घटनाएं पहली बार नहीं हो रहीं। इससे पहले भी भाजपा की लापरवाही के कारण बच्चों और आम लोगों की मौतें हो चुकी हैं, लेकिन भाजपा को अपनी जवाबदेही का कोई अहसास नहीं है। (Uday Bhanu Chib Controversial statement) उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के बयानों से साफ झलकता है कि उन्हें जनता की जान की कोई परवाह नहीं है।
विशेष रूप से कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर निशाना साधते हुए उदय भानु चिब ने कहा कि उनके बयान यह दिखाते हैं कि उन्हें इस पूरे मामले से कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसे लोगों को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, लेकिन भाजपा ने उन्हें मंत्री बना रखा है। उदय भानु चिब ने मांग की कि संबंधित मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
वही उदय भानु ने इस मामले में महापौर पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कैलाश विजयवर्गीय पहले भी इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान दे चुके हैं। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि बीते छह महीनों से लगातार शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि सोए रहे। यदि समय रहते कार्रवाई होती तो हालात इतने गंभीर नहीं होते।