panchang 2026/ image source:IBC24
Aaj Ka Panchang 26 February 2026: गुरूवार: 26 फरवरी 2026, गुरुवार का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार अत्यंत विशेष माना जा रहा है। आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है, जो पूरे दिन प्रभावी रहेगी और 27 फरवरी को प्रातः 12:33 बजे तक जारी रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि का प्रारंभ होगा। विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त) और शक संवत 1947 (विश्वावसु) के अनुसार यह दिन धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। पंचांग गणना के अनुसार आज चंद्रमा मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं और गुरु के साथ युति बनाकर गजकेसरी राजयोग का निर्माण कर रहे हैं, जो ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ और फलदायी योग माना जाता है।
आज का दिन प्रातः से दोपहर 12:11 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र का आरंभ होगा। मृगशिरा को खोज, ज्ञान और यात्रा से जुड़ा नक्षत्र माना जाता है, जबकि आर्द्रा परिवर्तन और नई शुरुआत का संकेत देता है। योग की बात करें तो प्रीति योग रात 10:33 बजे तक रहेगा, इसके बाद आयुष्मान योग प्रारंभ होगा। प्रीति योग को संबंधों में मधुरता और कार्यों में सफलता देने वाला माना जाता है, वहीं आयुष्मान योग दीर्घायु और स्थिरता का सूचक है। करणों में तैतिल करण दोपहर 01:36 बजे तक रहेगा, इसके बाद गर करण और फिर वणिज करण का क्रम चलेगा।
26 फरवरी को कई महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 05:09 से 05:59 बजे तक रहेगा, जिसे साधना, ध्यान और जप के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:11 से 12:57 बजे तक रहेगा—यह दिन का सबसे शक्तिशाली शुभ समय माना जाता है, जिसमें नए कार्य, सौदे, निर्णय या पूजन आरंभ करना लाभकारी माना जाता है। वहीं गोधूलि मुहूर्त शाम 06:16 से 06:41 बजे तक रहेगा, जो विवाह, गृह प्रवेश या मांगलिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
पंचांग के अनुसार आज कुछ अशुभ काल भी हैं, जिनमें शुभ कार्यों से बचना चाहिए। राहुकाल दोपहर 02:00 से 03:26 बजे तक रहेगा। यमगण्ड काल सुबह 06:49 से 08:15 बजे तक है और गुलिक काल 09:41 से 11:08 बजे तक रहेगा। इसके अलावा दुर्मुहूर्त 10:39 से 11:25 बजे और 03:15 से 04:01 बजे तक रहेगा। इन समयों में नए कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय टालना शुभ माना जाता है।
आज सूर्योदय 06:49 बजे और सूर्यास्त 06:18 बजे होगा। चंद्रमा का उदय दोपहर 12:54 बजे और चन्द्रास्त 27 फरवरी को 03:45 बजे होगा। चंद्रमा का मिथुन राशि में गुरु के साथ स्थित होना गजकेसरी राजयोग बना रहा है। यह योग वैदिक ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है और बुद्धि, प्रतिष्ठा, धन और अवसरों में वृद्धि का कारक बताया गया है। सूर्य कुंभ राशि में स्थित हैं, जिससे सामाजिक कार्यों, मित्रता और सामूहिक प्रयासों में सफलता के योग बनते हैं।
गुरुवार को दिशा शूल दक्षिण दिशा में माना गया है, इसलिए इस दिशा में यात्रा टालना शुभ माना जाता है। यदि यात्रा आवश्यक हो तो दही या मीठा खाकर निकलने की परंपरा बताई गई है। कुल मिलाकर 26 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से शुभ, योग-समृद्ध और आध्यात्मिक साधना के लिए अनुकूल माना जा रहा है। दशमी तिथि, प्रीति-आयुष्मान योग और गजकेसरी राजयोग का संयुक्त प्रभाव आज के दिन को विशेष फलदायी बना रहा है।
धार्मिक आस्था रखने वाले लोग आज भगवान विष्णु, गुरुवार के देवता बृहस्पति और चंद्र-गुरु की उपासना से विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं। पंचांग के अनुसार यह दिन ज्ञान, दान, जप और शुभ संकल्पों की सिद्धि के लिए श्रेष्ठ माना गया है।