केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कॉमेडी शो में महिलाओं पर अनुचित टिप्पणियों को लेकर नाराजगी जताई

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केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कॉमेडी शो में महिलाओं पर अनुचित टिप्पणियों को लेकर नाराजगी जताई

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  • Publish Date - June 15, 2026 / 02:57 PM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 02:57 PM IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), 15 जून (भाषा) केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सोमवार को कहा कि स्टैंड-अप कॉमेडी शो में महिलाओं को लेकर अनुचित टिप्पणियां करना बेहद गलत है और ऐसी टिप्पणियां करने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

स्टैंड-अप कॉमेडी शो में हास्य कलाकारों द्वारा महिलाओं का अभद्र मजाक बनाने से जुड़े सवाल पर अन्नपूर्णा देवी ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा,’यह बेहद गलत है। वह कॉमेडी शो हो या कोई अन्य कार्यक्रम, महिलाओं को लेकर अनुचित बातें करने वाले लोगों पर निश्चित रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में पहले भी संज्ञान लिया गया है और कार्रवाई भी हो रही है।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अधिकार नहीं है कि वह महिलाओं के बारे में ऐसी अनुचित टिप्पणियां करे जिससे समाज और लोगों पर बुरा प्रभाव पड़े।

अन्नपूर्णा देवी ने यह बात ऐसे वक्त कही, जब स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो के दौरान ‘370 रुपये की बिरयानी’ वाली टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने अपने बयान में इस विवाद का कोई जिक्र नहीं किया।

मोरे और वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा गुरुग्राम में आयोजित शो के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर विवादों में घिरे हैं। इस टिप्पणी में एक महिला के साथ उसकी सहमति के बिना यौन संबंध बनाने को कथित तौर पर महिमामंडित किया गया था।

महिलाओं के लिए शादी की न्यूनतम वैध उम्र में बढ़ोतरी की जरूरत को लेकर जारी बहस को लेकर अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि इस सिलसिले में सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है।

देश में 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की की शादी बाल विवाह की श्रेणी में आती है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषी को दो वर्ष तक के सश्रम कारावास, एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों सजाओं का प्रावधान है।

मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की संभावना लेकर जारी बहस में ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ (बिना शादी के पुरुष और महिला का साथ रहना) और बहु विवाह प्रथा जैसे विषय उभरने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा,‘‘इस सिलसिले में कुछ कानून तो पहले से बने हैं, लेकिन सामाजिक सहभागिता के जरिये भी लोगों की सोच बदल सकती है। समाज के निचले स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।’’

उन्होंने जोर देकर कहा कि सामाजिक रूप से संवेदनशील विषयों पर आगे बढ़ने से पहले सरकार सभी हितधारकों की राय लेती है।

राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने की संभावनाओं पर लोगों की राय लेने के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की है। यह समिति राज्य भर का दौरा कर रही है।

अन्नपूर्णा देवी ने अधिकारियों की एक बैठक में सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान के इंदौर स्थित पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र की गतिविधियों की समीक्षा की।

भाषा हर्ष मनीषा रंजन

रंजन