महाराष्ट्र के नांदेड़ में फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्रों को लेकर सात शिक्षक निलंबित

महाराष्ट्र के नांदेड़ में फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्रों को लेकर सात शिक्षक निलंबित

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  • Publish Date - January 21, 2026 / 11:27 AM IST,
    Updated On - January 21, 2026 / 11:27 AM IST

नांदेड़ (महाराष्ट्र), 21 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र जमा किए बिना दिव्यांग कोटे का लाभ उठाने के आरोप में एक प्रधानाध्यापक समेत सात स्कूली शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष सितंबर में फर्जी दिव्यांगता दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले शिक्षकों की पहचान के लिए एक सत्यापन अभियान शुरू किया था।

जांच में पाया गया कि सात शिक्षकों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र जिला सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा प्रबंधित निर्गमन रजिस्टर में दर्ज ही नहीं थे।

निष्कर्षों से यह भी सामने आया कि इन मामलों में दिव्यांगता का प्रतिशत 40 प्रतिशत से कम था, जिससे वे इस श्रेणी के तहत मिलने वाले लाभों के लिए पात्र नहीं थे।

एक मामले में, जिला परिषद के एक स्कूल के प्रधानाध्यापक को बिना कोई संबंधित प्रमाणपत्र जमा किए ही दिव्यांगता रियायतें दिए जाने का आरोप है।

अन्य छह शिक्षकों में से कुछ ने आवश्यक प्रमाणपत्र जमा नहीं किए थे, जबकि कुछ ने ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत किए थे जो जिला सिविल सर्जन द्वारा जारी नहीं किए गए थे।

जांच के बाद जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेघना कवली ने सोमवार को सातों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

भाषा मनीषा शोभना

शोभना