India EU Trade Deal Benefits: अमेरिकी टैरिफ पर पीएम मोदी का करारा प्रहार, “Mother of all Deals” करके कर दी ट्रंप की बोलती बंद, जानिए कैसे भारतीय युवाओं को मिलेगा फायदा

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India EU Trade Deal Benefits: अमेरिकी टैरिफ पर पीएम मोदी का करारा प्रहार, “Mother of all Deals” करके कर दी ट्रंप की बोलती बंद, जानिए कैसे भारतीय युवाओं को मिलेगा फायदा

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  • Publish Date - January 27, 2026 / 12:54 PM IST,
    Updated On - January 27, 2026 / 12:55 PM IST

India EU Trade Deal Benefits: अमेरिकी टैरिफ पर पीएम मोदी का करारा प्रहार, “Mother of all Deals” करके कर दी ट्रंप की बोलती बंद / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • 'मदर ऑफ ऑल डील्स' एक ऐतिहासिक समझौता है
  • अमेरिकी टैरिफ का पीएम मोदी ने दिया करारा जवाब
  • श्रम-प्रधान क्षेत्रों में लाखों नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे

नई दिल्ली: India EU Trade Deal Benefits प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करने की मंगलवार को घोषणा करते हुए कहा कि यह वैश्विक जीडीपी का 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा है। ‘भारतीय ऊर्जा सप्ताह’ को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने यूरोपीय संघ-भारत व्यापार समझौते पर सभी को बधाई दी और कहा, ‘‘मैं आपको एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में जानकारी दे रहा हूं… कल (सोमवार) भारत और यूरोप के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।’’

‘‘मदर ऑफ ऑल द डील्स’’

India EU Trade Deal Benefits उन्होंने कहा कि लोग, भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को ‘‘मदर ऑफ ऑल द डील्स’’ (सबसे अहम समझौता) बता रहे हैं। इस समझौते ने 140 करोड़ भारतीयों के साथ-साथ यूरोपीय लोगों के लिए भी कई अवसर उत्पन्न किए हैं। मोदी ने कहा, ‘‘ यह विश्व की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह समझौता वैश्विक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा है।’’

यह समझौता आपके लिए बेहद फायदेमंद: पीएम मोदी

उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता, ब्रिटेन और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ हुए समझौतों का पूरक होगा। इससे वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला दोनों मजबूत होंगी। उन्होंने वस्त्र, रत्न एवं आभूषण, चमड़ा व चप्पल-जूते जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवाओं और सभी सहयोगियों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा और इससे न केवल भारत में विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा बल्कि सेवा क्षेत्र का भी विस्तार होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ यह मुक्त व्यापार समझौता दुनिया भर के हर व्यवसाय व हर निवेशक का भारत पर भरोसा बढ़ाएगा। भारत सभी क्षेत्रों में वैश्विक साझेदारी पर व्यापक रूप से काम कर रहा है।’’

 

2007 में शुरू हुई थी डील की बातचीत

भारत और EU ने FTA पर बातचीत 2007 में शुरू की थी। साल 2013 में कुछ मुद्दों को लेकर बातचीत अटक गई। इसके बाद जून 2022 में बातचीत फिर शुरू हुई और अब 18 दौर की वार्ता के बाद FTA फाइनल हुआ है। इस समझौते से भारत के टेक्सटाइल्स, लेदर एंड फुटवियर, जेम्स एंड जूलरी, केमिकल्स और समुद्री उत्पादों जैसी चीजों पर यूरोपियन यूनियन में लगने वाले आयात शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी। अभी भारतीय निर्यात पर EU का टैरिफ औसतन 3.8% है, लेकिन समुद्री उत्पादों पर यह 26% तक, केमिकल्स पर 12.8% तक, लेदर गुड्स पर 17% तक है। EU से आने वाली चीजों पर भारत का आयात शुल्क औसतन 9.3% के करीब है।

अमेरिका के टैरिफ अटैक पर पीएम मोदी करारा जवाब

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिसमें से 25 प्रतिशत तो सिर्फ इसलिए लागू किया है क्योंकि भारत रूस से तेल खरीद रहा है। ऐसे में पीएम मोदी ने ट्रंप के टैरिफ अटैक पर प्रहार करते हुए एक तोड़ निकाला और ‘‘मदर ऑफ ऑल द डील्स’’ पर साइन किया। यह डील अमेरिका को एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अपनी संप्रभुता और आर्थिक हितों से समझौता नहीं करेगा और उसके पास व्यापार के लिए अन्य शक्तिशाली वैश्विक विकल्प मौजूद हैं।

भारत से क्या चाहता है अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि उनके डेयरी और कृषि उत्पादों को भारत में सब्सिडी दी जाए ताकि भारतीय बाजार में अमेरिकी उत्पादों को खपाया जा सके, लेकिन ऐसा करने से भारत जैसे कृषि प्रधान देश के किसानों के साथ अन्याय होगा। अमेरिका के इस दबाव को भारत स्वीकार नहीं कर रहा है क्योंकि इससे करोड़ों भारतीय किसानों और पशुपालकों की आजीविका को खतरा होगा। पीएम मोदी ने अमेरिका के साथ किसी भी ऐसी डील पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया जो भारतीय किसानों और डेयरी क्षेत्र के हितों के खिलाफ हो।

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'मदर ऑफ ऑल डील्स' (Mother of All Deals) क्या है?

यह भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है, जिसके तहत दोनों पक्ष अधिकांश वस्तुओं पर आयात शुल्क (Import Duty) को खत्म या बेहद कम करने पर सहमत हुए हैं।

इस डील का असर भारतीय युवाओं पर क्या पड़ेगा?

इससे विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा क्षेत्र में विस्तार होगा। टेक्सटाइल, केमिकल और फुटवियर जैसे उद्योगों में भारी निवेश आएगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।

पीएम मोदी ने अमेरिकी टैरिफ का जवाब कैसे दिया?

जब अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने के कारण भारत पर भारी टैरिफ लगाया, तो भारत ने अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए यूरोपीय संघ के साथ यह विशाल व्यापारिक विकल्प तैयार कर लिया।

अमेरिका भारत से क्या मांग कर रहा था जिसे मोदी ने ठुकरा दिया?

अमेरिका चाहता था कि भारत अपने डेयरी और कृषि बाजार को बिना सब्सिडी के उनके लिए खोल दे, जिससे भारतीय किसानों को भारी नुकसान होता। पीएम मोदी ने इसे देशहित के खिलाफ बताते हुए ठुकरा दिया।

किन भारतीय उत्पादों को यूरोप में सबसे ज्यादा फायदा होगा?

भारतीय कपड़े (Textiles), समुद्री उत्पाद (Marine products), चमड़ा (Leather), और रत्न-आभूषण (Gems & Jewelry) पर लगने वाला उच्च टैरिफ अब खत्म हो जाएगा, जिससे इनका निर्यात कई गुना बढ़ जाएगा।