Ugc New Rules Controversy: भाजपा के अंदर पहुंचा UCG बिल का विरोध, पार्टी के इस दिग्गज नेता ने दिया पद से इस्तीफा, पीएम मोदी को लिखा पत्र

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Ugc New Rules Controversy: सलोन विधानसभा सीट से भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष शयम सुंदर त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

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  • Publish Date - January 27, 2026 / 01:38 PM IST,
    Updated On - January 27, 2026 / 01:38 PM IST

Ugc New Rules Controversy/Image Credit: ANI X Handle

HIGHLIGHTS
  • उत्तर प्रदेश में नए UGC नियमों को लेकर विरोध बढ़ते जा रहा है।
  • अब यह विरोध भाजपा के अंदर तक पहुंच चुका है।
  • भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

Ugc New Rules Controversy: लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नए UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) नियमों को लेकर विरोध बढ़ते ही जा रहा है और अब यह विरोध भाजपा के अंदर तक पहुंच चुका है। भाजपा के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी UGC के नए नियमों को “काला कानून” बताकर इस्तीफा दे रहे हैं। इसी कड़ी में रायबरेली जिले (Ugc New Rules Controversy) की सलोन विधानसभा सीट से भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

श्याम सुंदर त्रिपाठी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

सलोन विधानसभा सीट से भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिया है। अपने पत्र में त्रिपाठी ने नई यूजीसी नीतियों को “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह कानून समाज को बांटने वाला और खतरनाक है। उन्होंने लिखा कि, ”सामान्य वर्ग के बच्चों के खिलाफ लाए गए (Ugc New Rules Controversy) इस तरह के आरक्षण प्रावधान उनके आत्मसम्मान और विचारधारा के खिलाफ हैं, इसलिए वह इस बिल का समर्थन नहीं कर सकते।”

Image Credit: ANI X Handle

सिटी मजिस्ट्रेट ने भी दिया था इस्तीफा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, हाल ही में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट आलंकार अग्निहोत्री ने भी यूजीसी के नए नियमों का विरोध करते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था। वहीं भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर त्रिपाठी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी (Ugc New Rules Controversy) को अपने पद से इस्तीफा देते हुए उत्तर प्रदेश में “ब्राह्मण विरोधी अभियान” चलने का आरोप लगाया था। हालांकि, बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। डीएम सिंह ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट के आरोप तथ्यों के गलत प्रस्तुतीकरण पर आधारित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद को सनसनीखेज आरोपों में बदलना उचित नहीं है।

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