मालेगांव नगर निगम कार्यालय में नमाज अदा करने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

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मालेगांव नगर निगम कार्यालय में नमाज अदा करने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 09:51 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 09:51 PM IST

नासिक, 26 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक जिले में मालेगांव नगर निगम (एमएमसी) के बिजली विभाग कार्यालय के अंदर नमाज अदा करने के आरोप में एक स्थानीय संगठन के अध्यक्ष सहित सात लोगों के खिलाफ गैरकानूनी सभा और सार्वजनिक उपद्रव करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

मालेगांव नगर निगम के बिजली विभाग के कार्यालय के अंदर नमाज अदा करते लोगों के एक समूह का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और हिंदू संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आई तथा मालेगांव नगर आयुक्त रविंद्र जाधव ने घटना की जांच के आदेश दिए।

पुलिस के अनुसार, 23 फरवरी को लोकसंघर्ष समिति के अध्यक्ष लुकमान कमाल और उनके साथी एमएमसी विद्युत विभाग के कार्यालय गए थे।

जब विभाग के अधिकारियों ने समिति के सदस्यों से मुलाकात नहीं की, तो उन्होंने कार्यालय में धरना दिया।

पुलिस ने बताया कि समिति के सदस्यों की एक वरिष्ठ अधिकारी अभिजीत पवार से बहस भी हुई और उसके बाद उन्होंने विभाग के कार्यालय में नमाज अदा की।

एमएमसी विद्युत विभाग के कर्मचारी महेंद्र रघुनाथ सावंत (43) की शिकायत के आधार पर, 25 फरवरी को मालेगांव किला पुलिस थाने में कमउल और छह अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

उन्होंने बताया कि सभी आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत गैरकानूनी सभा और सार्वजनिक उपद्रव करने का मामला दर्ज किया गया है।

एक सोशल मीडिया पोस्ट में, भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से घटना की जांच का आदेश देने का आग्रह किया और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

बुधवार को सकल हिंदू समाज के कार्यकर्ताओं ने घटना के विरोध में एमएमसी परिसर के अंदर हनुमान चालीसा का पाठ किया और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कुछ दिन पहले, मालेगांव के उप महापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान की तस्वीर रखे जाने पर काफी विवाद खड़ा हो गया था। बाद में तस्वीर को कार्यालय से हटा दिया गया था।

भाषा

राखी माधव

माधव