पुलिस ने टीसीएस-नासिक उत्पीड़न मामले में पहला आरोपपत्र दाखिल किया

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पुलिस ने टीसीएस-नासिक उत्पीड़न मामले में पहला आरोपपत्र दाखिल किया

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 10:35 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 10:35 PM IST

नासिक (महाराष्ट्र), 22 मई (भाषा) नासिक पुलिस ने शुक्रवार को यहां टीसीएस इकाई में कथित यौन उत्पीड़न, शोषण और धर्मांतरण की घटनाओं के संबंध में पहला आरोपपत्र दाखिल किया।

पुलिस के विशेष जांच दल ने दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल के खिलाफ देवलाली कैंप पुलिस थाने में दर्ज एक मामले में सत्र न्यायालय के समक्ष 1,500 पृष्ठों का आरोपपत्र दाखिल किया।

पुलिस ने नौ प्राथमिकी दर्ज कर कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।

एआईएमआईएम के पार्षद मतीन पटेल पर आरोप है कि जब निदा खान फरार थी, तब उन्होंने उसे छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने घर में पनाह दी थी।

आरोपपत्र में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र), 64 (बलात्कार), 68 (अधिकार प्राप्त व्यक्ति द्वारा यौन संबंध), 69 (धोखाधड़ी के साधनों का प्रयोग करके यौन संबंध), 46 (उकसाना), 75 (यौन उत्पीड़न), 318 (4) (धोखाधड़ी), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 249 (अपराधी को शरण देना) के साथ-साथ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है।

अन्य बातों के अलावा, आरोप पत्र में पीड़ित और आरोपी के बीच हुई व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट और जब्त किए गए ईमेल का हवाला दिया गया है।

टीसीएस की नासिक इकाई में उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आठ शिकायतकर्ताओं के सामने आने के बाद, देवलाली कैंप पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया और मुंबई नाका पुलिस थाने में आठ मामले दर्ज किए गए।

सॉफ्टवेयर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टीसीएस ने इन मामलों के सामने आने के बाद कहा कि वह किसी भी रूप में उत्पीड़न और जबरदस्ती के प्रति कतई बर्दाश्य नहीं की नीति अपनाती है, और नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश