महाराष्ट्र के परभनी में संविधान की प्रतिकृति क्षतिग्रस्त पाये जाने के मामले में आरोपी ने खुदकुशी की

महाराष्ट्र के परभनी में संविधान की प्रतिकृति क्षतिग्रस्त पाये जाने के मामले में आरोपी ने खुदकुशी की

महाराष्ट्र के परभनी में संविधान की प्रतिकृति क्षतिग्रस्त पाये जाने के मामले में आरोपी ने खुदकुशी की
Modified Date: January 12, 2026 / 07:41 pm IST
Published Date: January 12, 2026 7:41 pm IST

परभनी, 12 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के परभनी जिले में 2024 में संविधान की प्रतिकृति को विकृत करने के मामले में मुख्य आरोपी ने सोमवार को एक गांव में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी।

आरोपी दत्ता पवार को 13 महीनों तक सलाखों के पीछे रहने के बाद आठ जनवरी को जमानत पर जेल से रिहा कर दिया गया था।

एक पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘वह परभणी जिले के मिर्जापुर गांव गया था, जहां उसके रिश्तेदार रहते हैं। उसने सोमवार सुबह एक खेत में बने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।’’

उन्होंने बताया कि पवार के एक रिश्तेदार ने सुबह करीब नौ बजे उसे फांसी पर लटका हुआ पाया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी। उन्होंने यह भी बताया कि दत्ता का परिवार परभणी में रहता है।

अधिकारी ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पोस्टमार्टम होने के बाद पवार के परिवार ने उसका अंतिम संस्कार किया।

परभनी रेलवे स्टेशन के बाहर डॉ. बी. आर. अंबेडकर की प्रतिमा के सामने स्थापित संविधान की पत्थर की प्रतिकृति के क्षतिग्रस्त पाए जाने के एक दिन बाद 11 दिसंबर, 2024 को शहर में हिंसा भड़क उठी थी।

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश


लेखक के बारे में