अमरावती में भूमि साझा करने से इनकार करने वाले किसानों को अधिग्रहण नोटिस

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अमरावती में भूमि साझा करने से इनकार करने वाले किसानों को अधिग्रहण नोटिस

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  • Publish Date - May 12, 2026 / 07:00 PM IST,
    Updated On - May 12, 2026 / 07:00 PM IST

अमरावती, 12 मई (भाषा) आंध्र प्रदेश के नगर पालिका प्रशासन मंत्री पी. नारायण ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने ग्रीनफील्ड राजधानी अमरावती में भूमि साझा करने (लैंड पूलिंग) से इनकार करने वाले किसानों को भूमि अधिग्रहण के नोटिस जारी किए हैं।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही उठाया गया है।

लैंड पूलिंग के तहत लोग अपनी भूमि सरकार या एजेंसी को देते हैं तथा इसे विकसित कर इसका कुछ हिस्सा या अन्य भूमि उन्हें प्रदान की जाती है।

उन्होंने कहा कि सरकार अब भी ऐसे किसानों से स्वेच्छा से भूमि साझा करने के लिए आगे आने की अपील कर रही है। उन्होंने बताया कि कुछ किसान इसके लिए आगे आ रहे हैं, जबकि कुछ अब भी इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

अमरावती दौरे के बाद जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में नारायण ने कहा, ‘‘जहां किसान ‘लैंड पूलिंग’ के लिए आगे नहीं आए, वहां केवल मजबूरी में अधिग्रहण अधिसूचनाएं जारी की हैं।’’

मंत्री ने यह भी बताया कि कुछ किसान इस मुद्दे पर अदालत का रुख कर चुके हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार न्यायालय के निर्णय के अनुरूप ही आगे बढ़ेगी।

नारायण ने आरोप लगाया कि युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) राजनीतिक मंशा से किसानों के मुद्दे पर बेवजह हंगामा खड़ा कर रही है। उन्होंने आगाह किया कि यदि सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गई, तो जनता माफ नहीं करेगी।

मंत्री ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि अमरावती के लिए 30,753 किसानों ने 35,017 एकड़ जमीन दी थी जिनमें से 30,079 किसानों को भूखंड आवंटित हो चुके हैं, यानी 97 प्रतिशत किसानों का आवंटन पूरा हो गया है।

उन्होंने कहा कि केवल 674 किसानों के 489 एकड़ से जुड़े आवंटन विभिन्न कारणों से लंबित हैं जिनमें 65 किसान न्यायालयी विवादों में उलझे हैं, 324 किसान आवंटन के पात्र ही नहीं हैं और शेष अन्य कारणों से लंबित हैं।

नारायण ने बताया कि ग्रीनफील्ड राजधानी में ‘ट्रंक रोड’, ‘लेआउट रोड’ और अन्य निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि ‘‘अन्य राज्य भी अमरावती निर्माण की चर्चा कर रहे हैं।’’

भाषा खारी माधव

माधव