नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और लंबे समय तक भू-राजनीतिक संकट की आशंका के बीच बाजार में मची खलबली से पिछले चार कारोबारी सत्रों में निवेशकों की संपत्ति 16.77 लाख करोड़ रुपये घट गई।
इसके अलावा, विदेशी कोषों की निरंतर निकासी और रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने से निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं, जिससे वित्तीय बाजारों में बिकवाली बढ़ गई।
मंगलवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,456.04 अंक या 1.92 प्रतिशत गिरकर 74,559.24 पर बंद हुआ। पिछले चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 3,399.28 अंक या 4.36 प्रतिशत टूट चुका है। इन चार दिनों में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 16.77 लाख करोड़ रुपये घटकर 4,56,02,981.70 करोड़ रुपये रह गया।
ऑनलाइन कारोबारी फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा कि वैश्विक व्यापक आर्थिक परिदृश्य और घरेलू कारकों के दबाव ने निवेशकों की धारणा पर भारी असर डाला है। उन्होंने बताया, ”अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध, ऊर्जा कीमतों में उछाल, रुपये का रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरना और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी ने बिकवाली को तेज कर दिया है।”
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड तीन प्रतिशत बढ़कर 107.4 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
भाषा पाण्डेय अजय
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