नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) निजी क्षेत्र की प्रमुख बिजली कंपनी टाटा पावर का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में आठ प्रतिशत बढ़कर 1,415.52 करोड़ रुपये रहा है। मुख्य रूप से खर्च में कमी से कंपनी का लाभ बढ़ा है।
कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि एक साल पहले 2024-25 की इसी तिमाही में यह 1,306.09 करोड़ रुपये था।
टाटा पावर की कुल आय 2025-26 की चौथी तिमाही में घटकर 15,455.48 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 17,446.95 करोड़ रुपये थी।
हालांकि, कंपनी का खर्च घटकर आलोच्य तिमाही में 14,876.50 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 2024-25 की इसी तिमाही में 16,179.77 करोड़ रुपये था।
टाटा पावर की कर पूर्व आय मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही में (ईबीआईटीडीए) 10 प्रतिशत बढ़कर 4,216 करोड़ रुपये रही।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 5,117.56 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 4,775.37 करोड़ रुपये था। हालांकि, कुल आय घटकर 64,171.66 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले 2024-25 में 66,992.17 करोड़ रुपये थी।
कंपनी के निदेशक मंडल ने एक रुपये के अंकित मूल्य के शेयर पर 2.50 रुपये का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है।
टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक, प्रवीर सिन्हा ने कहा, ‘‘यह तिमाही और पूरा साल अनुशासित वृद्धि, परिचालन उत्कृष्टता और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने पर हमारे निरंतर ध्यान को बताता है। स्वच्छ ऊर्जा की नई संपत्तियों का जुड़ना, ओडिशा, दिल्ली और मुंबई में वितरण कारोबार में निरंतर सुधार और सीमापार क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को मजबूत करना, अधिक मजबूत ऊर्जा भविष्य के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’
भाषा रमण अजय
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