अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार ने साजिश की आशंका जताई, विशेषज्ञ एजेंसियों से जांच की मांग

अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार ने साजिश की आशंका जताई, विशेषज्ञ एजेंसियों से जांच की मांग

अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार ने साजिश की आशंका जताई, विशेषज्ञ एजेंसियों से जांच की मांग
Modified Date: February 10, 2026 / 07:36 pm IST
Published Date: February 10, 2026 7:36 pm IST

मुंबई, 10 फरवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के विधायक रोहित पवार ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पिछले माह हुए उस विमान हादसे में साजिश का संदेह है जिसमें उनके चाचा एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गयी थी। उन्होंने विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा इस हादसे की विस्तृत जांच की मांग भी की।

राकांपा (शप) प्रमुख शरद पवार ने, हालांकि, इस त्रासदी में किसी भी साजिश की आशंका को खारिज करते हुए इसे एक दुर्घटना करार दिया था।

रोहित पवार ने एक संवददाता सम्मेलन के दौरान विमान की कमान संभाल रहे कैप्टन सुमित कपूर के पिछले रिकॉर्ड पर सवाल उठाया और अतीत में शराब के सेवन के लिए उनके तीन साल के निलंबन का हवाला भी दिया।

उन्होंने कहा कि अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के पास इस हादसे की पूरी जांच करने का अधिकार नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा व्यापक जांच कराये जाने की मांग भी की, जिनमें भारतीय एजेंसियों के अलावा राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड, नागरिक विमानन सुरक्षा जांच एवं विश्लेषण ब्यूरो, ब्रिटेन की विमान दुर्घटना जांच शाखा (एएआईबी) शामिल हों।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट विमान की मालिकाना कंपनी ‘वीएसआर’ का डीजीसीए के अधिकारियों पर प्रभाव है और वह ‘कुछ भी करके बच सकती है।’

रोहित पवार ने कहा कि वीएसआर कंपनी के एक विमान के 2023 में हुए हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट पहले ही पेश कर दी गई है। इसके बावजूद, वीएसआर कंपनी के विमान अब भी उच्चस्तरीय नेताओं द्वारा उपयोग किए जा रहे हैं।

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कंपनी का परिचालन लाइसेंस कभी क्यों रद्द नहीं किया गया।

रोहित पवार ने कहा कि बुकिंग करने वाली कंपनी एरो, वीएसआर कंपनी और पायलट सुमित कपूर पर गंभीर संदेह हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हमें नहीं लगता कि यह महज एक दुर्घटना थी। इसमें साजिश की बू है।’’

रोहित पवार ने दुर्घटना से पहले के घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या अंतिम क्षणों से पहले विमान का ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद कर दिया गया था?

रोहित पवार के अनुसार, मूल पायलट -साहिल मदान और यश- कथित तौर पर यातायात के कारण देरी से पहुंचे थे।

उन्होंने पूछा, ‘‘तो सुमित कपूर और शांभवी पाठक हवाई अड्डे तक कैसे पहुंचे? क्या वे आसपास ही रहते थे?’’ उन्होंने यह भी कहा कि पाठक को कपूर की तुलना में लियरजेट उड़ाने का अधिक अनुभव था।

उन्होंने दावा किया कि विमान के एक तरफ झुकने पर कपूर चुप रहे।

राकांपा (शप) विधायक ने पूछा, ‘‘उन्होंने (कपूर ने) मुश्किल रनवे 11 की मांग क्यों की और दृश्यता की समस्या के बावजूद लैंडिंग का प्रयास क्यों किया?’’

भाषा सुरेश नरेश

नरेश


लेखक के बारे में