मुंबई, 17 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के उपाध्यक्ष केशव उपाध्ये ने बुधवार को विपक्षी दल शिवसेना (उबाठा) में संभावित विभाजन का संकेत देते हुए उसके नेतृत्व पर जनादेश को खारिज करने और पार्टी को राजनीतिक पतन की ओर ले जाने का आरोप लगाया।
उनकी यह टिप्पणी उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) में संभावित विद्रोह की बढ़ती अटकलों के बीच आई है। सूत्रों के अनुसार, राजनीतिक सकंट का सामना कर रही इस पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से ‘‘छह से सात’’ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने के इच्छुक हैं।
बताया जा रहा है कि ये सांसद दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।
उपाध्ये ने उद्धव ठाकरे और पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय राउत पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘शिवसेना (उबाठा) में कथित फूट के बारे में इतना ही कहा जा सकता है कि पार्टी को एक और विभाजन का सामना करना पड़ सकता है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना (उबाठा) का नेतृत्व जनादेश को नकार रहा है और आलोचना की राजनीति में लगा हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने शिवसेना (उबाठा) को ‘‘मुस्लिम तुष्टीकरण’’ की दिशा में मोड़ दिया है, जबकि संजय राउत पार्टी के संगठन को गलत दिशा में ले जा रहे हैं।
उपाध्ये ने कहा कि इन दोनों नेताओं की वजह से पार्टी का राजनीतिक पतन हुआ है।
उन्होंने कहा कि दिवंगत बाल ठाकरे ने जिस संगठन की स्थापना की थी, उसे एक मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में खड़ा किया था, लेकिन वर्तमान नेतृत्व ने अपनी राजनीतिक कार्यशैली और नीतियों के कारण पार्टी को कमजोर कर दिया है।
भाजपा नेता ने दावा किया कि मतदाताओं ने उद्धव ठाकरे और संजय राउत के नेतृत्व को नकार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता अपने राजनीतिक विरोधियों की लगातार आलोचना करके विकास कार्यों में बाधा डालते रहे हैं।
उपाध्ये ने शिवसेना (उबाठा) के मुखपत्र (सामना) पर भी तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के सांसद, विधायक और पार्षद लगातार संगठन छोड़ रहे हैं।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब शिवसेना (उबाठा) के कुछ सांसदों के पार्टी से अलग होकर अलग गुट बनाने की अटकलें लगातार तेज हो रही हैं।
संजय राउत के मंगलवार देर रात दावा किया कि ‘‘महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने’’ के लिए ‘‘15 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि’’ दी जा रही है। इस दावे से शिवसेना (उबाठा) के कुछ लोकसभा सदस्यों के पाला बदलने की अटकलों को और बल मिला।
भाषा तान्या खारी
खारी