आंध्र मंत्रिमंडल ने पीपीपी नीति को दी मंजूरी, दिशा विधेयक वापस लिया; अहम परियोजनाओं को मंजूरी

Ads

आंध्र मंत्रिमंडल ने पीपीपी नीति को दी मंजूरी, दिशा विधेयक वापस लिया; अहम परियोजनाओं को मंजूरी

  •  
  • Publish Date - August 6, 2026 / 07:31 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 07:31 PM IST

अमरावती, छह अगस्त (भाषा) आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) नीति 2026 के मसौदे को मंजूरी दे दी और दिशा विधेयक को वापस ले लिया, तथा साथ ही राज्य की हरित राजधानी अमरावती में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा और औद्योगिक परियोजनाओं को भी मंजूरी दे दी।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री कोलुसु पार्थसारथी ने संवाददाताओं को बताया कि बैठक में निवेश, प्रशासनिक सुधार, शहरी विकास, शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कुल 33 एजेंडा प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

पार्थसारथी ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने 33 एजेंडा प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) नीति, दिशा विधेयक को वापस लेना, राज्य में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और औद्योगिक विकास से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।’’

मंत्रिमंडल ने आंध्र प्रदेश पीपीपी नीति 2026 के मसौदे को मंजूरी दे दी। इस नीति का उद्देश्य परिवहन, बंदरगाह, हवाई अड्डे, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निजी निवेश आकर्षित करना है।

इसने आंध्र प्रदेश दिशा विधेयक को वापस लेने को भी मंजूरी प्रदान कर दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को मौजूदा कानून वापस लेने और केंद्र के सुझावों को शामिल करते हुए नया विधेयक पेश करने की सलाह दी थी।

यह फैसला भारतीय न्याय संहिता 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के लागू होने के बाद लिया गया है। इन कानूनों में महिलाओं तथा बच्चों के खिलाफ अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधानों को और मजबूत किया गया है।

इसके अलावा मंत्रिमंडल ने अमरावती से जुड़े कई प्रमुख प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान कर दी।

भाषा

शुभम नेत्रपाल

नेत्रपाल