मुंबई, छह अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार द्वारा एक मई 2026 से सभी टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों के लिए महाराष्ट्र की आधिकारिक भाषा में बुनियादी दक्षता अनिवार्य किए जाने के बाद अब तक एक लाख से अधिक गैर-मराठी चालकों ने व्यावहारिक मराठी भाषा पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है।
मंत्रालय में समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सरनाईक ने ऐप-आधारित टैक्सी चालकों समेत अन्य सभी चालकों से 15 अगस्त तक अपना मराठी प्रशिक्षण पूरा करने की अपील की।
महाराष्ट्र सरकार ने अप्रैल में घोषणा की थी कि राज्य में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए यात्रियों से मराठी में संवाद करना अनिवार्य होगा तथा उनके मराठी भाषा ज्ञान का परीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही महाराष्ट्र दिवस (एक मई) के अवसर पर ‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी शिकवणी अभियान’ शुरू किया गया था, जिसके तहत प्रवासी चालकों के लिए मराठी भाषा का विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया गया है।
यह अभियान राज्य के मराठी भाषा विभाग तथा मुंबई मराठी साहित्य संघ और कोंकण मराठी साहित्य परिषद जैसे साहित्यिक निकाय के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जा रहा है।
सरनाईक ने कहा कि अभियान को राज्यभर में उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और चालकों ने स्वेच्छा से मराठी सीखने के लिए अपना पंजीकरण कराया है।
उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में आजीविका कमाने की इच्छा रखने वाले लोगों को मराठी से जुड़ाव विकसित करना चाहिए। यह अनिवार्यता का नहीं, बल्कि अपनेपन का विषय है। हर चालक जो यात्रियों से मराठी में कुछ शब्द बोलता है, वह महाराष्ट्र की संस्कृति का दूत बन जाता है।’’
परिवहन मंत्री ने बताया कि अभियान का समापन 17 अगस्त को ठाणे के गडकरी सभागार में आयोजित समारोह के साथ होगा, जहां हजारों चालकों को प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे।
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प्रचेता नेत्रपाल
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