अमरावती, 23 जुलाई (भाषा) आंध्र प्रदेश के कांग्रेस नेताओं ने बृहस्पतिवार को राज्यपाल एस अब्दुल नजीर से मिलकर उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में विद्यार्थियों पर दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज की निंदा करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष कोलनुकोंडा शिवाजी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की और कहा कि नीट में गड़बड़ियों एवं प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ विद्यार्थी राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर ‘शांतिपूर्ण विरोध’ कर रहे थे।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय राजधानी में विद्यार्थियों के पक्ष में प्रधानमंत्री निवास के पास प्रदर्शन करने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा तथा अन्य कांग्रेस सांसदों और नेताओं को ‘गैर-कानूनी रूप से हिरासत में लिये जाने’ का मुद्दा भी उठाया।
कांग्रेस पार्टी की एक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘प्रदेश कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे विद्यार्थियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।’’
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष (प्रशासन प्रभारी) शिवाजी ने कहा कि ‘‘शांतिपूर्ण विरोध’’ के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे विद्यार्थियों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ बल प्रयोग संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक गंभीर हमला है।
इसके अलावा, उन्होंने राज्यपाल का ध्यान 22 जुलाई को विजयवाड़ा में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कथित हमले की ओर दिलाया।
शिवाजी ने कहा कि कथित हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया, जिसमें युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पवन तेजा एवं पार्टी के कई अन्य नेता घायल हो गए।
उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने नजीर से अनुरोध किया कि वह भारत सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने, शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लेने और परीक्षा में अनियमितताओं एवं प्रश्नपत्र लीक की निष्पक्ष जांच के आदेश देने के लिए ज़ोर डालें।
भाषा
राजकुमार सुरेश
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