CM Yogi Targeted Opposition/Image Credit: IBC24.in
CM Yogi Targeted Opposition: गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरूवार को समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह हास्यास्पद है कि जो लोग राम मंदिर के निर्माण के खिलाफ अदालत गए थे, वे अब आस्था पर उपदेश दे रहे हैं। सीएम आदित्यनाथ ने यह बात अपने निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर (शहरी क्षेत्र) में 995 करोड़ रुपये से अधिक की 14 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद कही। सीएम योगी आदित्यनाथ उप्र विधानसभा में गोरखपुर (शहरी क्षेत्र) सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘वर्ष 2017 से पहले दंगे आम बात थी और अराजकता चरम पर थी। जरा याद कीजिए कि होली, विजयादशमी, दुर्गा पूजा और राम नवमी के दौरान कैसे दंगे भड़क उठते थे। वे जन्माष्टमी का जश्न या कांवड़ यात्रा नहीं होने देते थे।’’ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘संक्षेप में कहें तो, जो लोग उस समय आस्था के मामलों को लेकर हमला किया करते थे, अब वही खुद को उस आस्था के सबसे बड़े चैंपियन के रूप में पेश करने में जुट गए हैं।’’
सीएम आदित्यनाथ ने कहा,‘‘जिन लोगों ने राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के रास्ते में बाधाएं पैदा कीं, जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान भगवान राम के भक्तों पर गोलियां चलवाईं, जिन्होंने मंदिर का विरोध करने के लिए उच्चतम न्यायालय में अपने वकील तैनात किए, वही लोग आज आस्था के बारे में बोल रहे हैं। (CM Yogi Targeted Opposition) ये वही लोग हैं जो आपकी आस्था के साथ खिलवाड़ करते थे, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते थे, किसानों का हक छीनते थे और व्यापारियों और बेटियों के लिए सुरक्षा का संकट पैदा करते थे। आज जब वे इन मुद्दों पर बड़े-बड़े उपदेश देते हैं, तो हास्यास्पद लगता है।’’
CM Yogi Targeted Opposition: मुख्यमंत्री ने कहा कि दस साल पहले, जब वे राज्य में सत्ता में नहीं आए थे, तब लोग माफिया और मच्छरों की वजह से गोरखपुर आने से डरते थे। उन्होंने कहा, ‘‘जहां मच्छर होते हैं, वहां मलेरिया, डेंगू और एन्सेफलाइटिस जैसी बीमारियां होती हैं। माफिया के डर से कोई यहां संपत्ति भी नहीं खरीदता था। लेकिन आज गोरखपुर में जमीन खरीदना और घर बनाना हर किसी की पहली पसंद है।’’ सीएम आदित्यनाथ ने दावा किया कि जब तक उन्होंने राज्य और अपने निर्वाचन क्षेत्र की कमान नहीं संभाली थी, तब तक कोई भी गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण में निवेश करने को तैयार नहीं था। उन्होंने राज्य में 29 चीनी मिलों को बंद करने के लिए समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस की सरकारों को जिम्मेदार ठहराया।
सीएम आदित्यनाथ ने कहा,‘‘उन्होंने न केवल इन 29 मिलों को बंद कर दिया, बल्कि उन्होंने उनमें से 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया। उदाहरण के लिए पडरौना चीनी मिल को केवल दो करोड़ रुपये में बेचा गया था जो इसके वास्तविक मूल्य का एक छोटा सा हिस्सा था। अकेले जमीन की कीमत लगभग 200 करोड़ रुपये थी, और यहां तक कि स्क्रैप का मूल्य भी बिक्री मूल्य से कहीं अधिक होगा। ये मिलें मूंगफली के भाव में बेची गईं। उन्होंने युवाओं को बेरोजगार करने का पाप किया है।’’ (CM Yogi Targeted Opposition) सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकार में एक ‘कांस्टेबल सिंडिकेट’ का सभी तरह की भर्ती प्रक्रिया पर नियंत्रण था। मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘आज मैं कह सकता हूं कि नौकरियां उपलब्ध हैं और चयन अनुचित हस्तक्षेप से मुक्त है। चाहे वह उप्र पुलिस की भर्ती हो, शिक्षण पेशा हो या उप्र लोक सेवा आयोग के माध्यम से उपजिलाधिकारी या पुलिस उपाधीक्षक जैसे पद पर भर्ती हो, सभी पदों पर चयन अनुचित हस्तक्षेप से मुक्त है।’’
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