चिकित्सकों पर हमले का मामला: आईएमए ने 20 जुलाई की हड़ताल स्थगित की

चिकित्सकों पर हमले का मामला: आईएमए ने 20 जुलाई की हड़ताल स्थगित की

चिकित्सकों पर हमले का मामला: आईएमए ने 20 जुलाई की हड़ताल स्थगित की
Modified Date: July 19, 2026 / 03:15 pm IST
Published Date: July 19, 2026 3:15 pm IST

ठाणे, 19 जुलाई (भाषा) इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) महाराष्ट्र ने डोंबिवली के एक निकाय अस्पताल में चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों पर हुए हमले के विरोध में 20 जुलाई को प्रस्तावित हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की है। यह फैसला बंबई उच्च न्यायालय द्वारा आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को दी गई जमानत पर रोक लगाने के एक दिन बाद लिया गया।

चिकित्सक समुदाय ने हालांकि महाराष्ट्र सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि चिकित्सकों की सुरक्षा से जुड़ी उनकी लंबित मांगें स्वीकार नहीं की गईं तो नौ अगस्त से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

डोंबिवली के शास्त्रीनगर निकाय अस्पताल में चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए हिंसक हमले के बाद आईएमए महाराष्ट्र ने 20 जुलाई को 24 घंटे के लिए राज्यभर में नियमित चिकित्सा सेवाएं स्थगित करने की घोषणा की थी।

ठाणे जिले की एक अदालत ने 14 जुलाई को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के पार्षद रमेश म्हात्रे को जमानत दे दी थी।

उच्च न्यायालय ने घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए शनिवार को हमले के मुख्य आरोपी रमेश म्हात्रे को दी गई जमानत पर रोक लगा दी। अदालत ने आरोपी को रविवार शाम तक संबंधित अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।

आईएमए की ओर से रविवार दोपहर जारी विज्ञप्ति के अनुसार, उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद आईएमए और अन्य चिकित्सक संगठनों ने विस्तृत बैठकें कीं।

आईएमए महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संतोष कुलकर्णी, प्रदेश सचिव डॉ. विक्रांत देसाई और प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. अमोल गिते ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय का सक्रिय हस्तक्षेप एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

आईएमए ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि पुलिस तंत्र और महाराष्ट्र सरकार उच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरश: पालन करेंगे।’’

संघ ने स्पष्ट किया कि 20 जुलाई की सांकेतिक हड़ताल को स्थगित करने का फैसला केवल अस्थायी है।

आईएमए ने कहा, ‘‘यदि महाराष्ट्र सरकार आवश्यक अध्यादेश नहीं लाती और हमारी मांगें पूरी नहीं करती तो स्वास्थ्यकर्मी समुदाय नौ अगस्त (क्रांति दिवस) से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेगा।’’

चिकित्सक समुदाय की प्रमुख मांगों में महाराष्ट्र चिकित्सा सेवा कर्मी एवं चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा तथा संपत्ति को नुकसान या क्षति की रोकथाम) अधिनियम, 2010 में तत्काल संशोधन करके उसे अधिक सख्त, प्रभावी और कड़ाई से गैर-जमानती बनाया जाना शामिल है।

इसके अलावा, आईएमए ने राज्य सरकार से चिकित्सा संस्थानों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए तत्काल एक अध्यादेश जारी करने की मांग की है।

भाषा अमित देवेंद्र

देवेंद्र


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