कांग्रेस नेता नाना पटोले ने वांगचुक मामले को लेकर सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया

कांग्रेस नेता नाना पटोले ने वांगचुक मामले को लेकर सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया

कांग्रेस नेता नाना पटोले ने वांगचुक मामले को लेकर सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया
Modified Date: July 19, 2026 / 04:11 pm IST
Published Date: July 19, 2026 4:11 pm IST

पुणे, 19 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भूख हड़ताल के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाए जाने के एक दिन बाद रविवार को सरकार पर ‘तानाशाही रवैया’ अपनाने और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।

पटोले ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह भी कहा कि कांग्रेस सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ होने वाले विरोध मार्च में शामिल होगी।

वांगचुक को शनिवार को उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस जबरन सफदरजंग अस्पताल ले गई थी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि वांगचुक की तबीयत खराब होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका इलाज किया जा रहा है।

वांगचुक ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में जारी प्रदर्शन के समर्थन में 28 जून को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।

पटोले ने पुलिस कार्रवाई पर व्यंग्य करते हुए कहा, “सोनम वांगचुक के मामले में जो हुआ, उससे पता चलता है कि तानाशाही शुरू हो गई है। सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा अब सामने आने लगा है। केंद्र सरकार ने ऐसा कानून बनाया है जिसके तहत अगर कोई व्यक्ति अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करता है तो उस पर आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा जा सकता है।”

भाषा जोहेब जितेंद्र

जितेंद्र


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