बारामती उपचुनाव: जीत की ओर अग्रसर सुनेत्रा पवार, समर्थकों से रैलियां आयोजित नहीं करने का आग्रह किया

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बारामती उपचुनाव: जीत की ओर अग्रसर सुनेत्रा पवार, समर्थकों से रैलियां आयोजित नहीं करने का आग्रह किया

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  • Publish Date - May 4, 2026 / 12:49 PM IST,
    Updated On - May 4, 2026 / 12:49 PM IST

पुणे, चार मई (भाषा) महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार बारामती विधानसभा उपचुनाव में निर्णायक जीत की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने सोमवार को राकांपा कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों से अपील की कि परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस न निकालें।

उन्होंने मतदाताओं द्वारा उन पर जताए गए विश्वास को अपने दिवंगत पति अजित पवार की स्मृति को समर्पित किया और लोगों से संयम बरतने और उनके आदर्शों को प्रतिबिंबित करने वाले आचरण को बनाए रखने का आग्रह किया।

गत 28 जनवरी को तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख अजित पवार की पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी के पास एक विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद इस सीट पर उपचुनाव आवश्यक हो गए थे।

उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं। वह अपने परिवार की इस निर्वाचन क्षेत्र पर मजबूत पकड़ को देखते हुए भारी जीत की ओर अग्रसर हैं। किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल ने उनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारे हैं।

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर मौजूद नवीनतम रुझानों के अनुसार, सुनेत्रा पवार को 61,917 वोट मिले हैं, जबकि उनके 22 प्रतिद्वंद्वियों में से केवल एक ही अब तक 200 वोटों का आंकड़ा पार कर पाया है।

उपमुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘आज परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। मैं आपके वोटों के माध्यम से मुझ पर जताए गए विश्वास को आदरणीय अजित दादा (जैसा कि उन्हें प्यार से पुकारा जाता था) की पवित्र स्मृति को समर्पित करती हूं।’

उन्होंने कहा कि यह क्षण उनके समर्थकों के लिए भावुक कर देने वाला है क्योंकि इससे दिवंगत नेता की यादें ताजा हो गईं।

सुनेत्रा पवार ने कहा, ‘मैं पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से, जो दादा से बेहद प्यार करते थे, विनम्र निवेदन करती हूं कि वे विजय जुलूस न निकालें और न ही जश्न मनाएं। आइए हम संयम बरतें और उनके आदर्शों के अनुरूप आचरण करें।’

उन्होंने जनादेश देने के लिए मतदाताओं का धन्यवाद भी किया और कहा कि यह निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक नए चरण की शुरुआत है।

उन्होंने कहा, ‘दादा के सपने को साकार करने का अवसर देने के लिए मैं बारामती के लोगों का तहे दिल से आभार व्यक्त करती हूं। यह अंत नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, संघर्ष और एक नए बारामती की शुरुआत है।’

भाषा तान्या वैभव

वैभव