पुणे, तीन मई (भाषा) महाराष्ट्र के पुणे जिले में चार साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है। इस जघन्य अपराध को लेकर व्यापक पैमाने पर आक्रोश फैल गया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को कहा, ‘‘दो महिलाओं सहित छह पुलिस अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी)गठित की गई है। जांच की प्रगति के आधार पर हम और अधिक अधिकारियों और कर्मियों को शामिल करेंगे। यह टीम मामले की गहन जांच करेगी।’’
पुणे जिले की भोर तहसील के एक गांव में चार साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न और हत्या के आरोप में 65 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है।
पुलिस के मुताबिक,आरोपी ने कथित तौर पर शुक्रवार को लड़की को खाने का लालच दिया और उसे एक पशु बाड़े में ले गया, जहां उसने कथित तौर पर बच्ची का यौन उत्पीड़न किया और बाद में पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
अदालत ने आरोपी को सात मई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
इस अपराध के खिलाफ पर बड़े पैमाने पर आक्रोश और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को मौत की सजा देने की मांग की है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)विधायक रोहित पवार, शिवसेना नेता और विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे और भाजपा की राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी सहित विभिन्न दलों के कई नेताओं ने पीड़िता के घर जाकर शोक संवेदना व्यक्त की है।
इस बीच, बच्ची के पिता ने नेताओं से अपील की कि जब तक आरोपी को फांसी नहीं दे दी जाती, तब तक वे उनसे मिलने न आएं।
पिता ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘जब मैं अपनी बेटी की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचा, तो मुझे परिवार के सदस्यों के फोन आए कि कई नेता हमारे घर शोक संवेदना व्यक्त करने आ रहे हैं। मैं सभी नेताओं से अपील करता हूं कि जब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिल जाता, जब तक उस आरोपी को फांसी नहीं हो जाती, कृपया मेरे घर न आएं। यह एक विनम्र निवेदन है।’’
उन्होंने कहा कि हम नेताओं या किसी अन्य व्यक्ति से, जो हमसे मिलना चाहता है, तभी मिलेंगे जब आरोपी को फांसी दे दी जाएगी।
इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले के आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए ‘रिकॉर्ड समय’ में मुकदमे की कार्यवाही में तेजी लाएगा।
इस घटना से आक्रोशित सैकड़ों लोगों ने शनिवार को पुणे में मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग को लगभग चार घंटे तक अवरुद्ध रखा था।
बच्ची के परिवार के सदस्यों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने शनिवार शाम को नवाले ब्रिज क्षेत्र में शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और 65 वर्षीय आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की।
भाषा धीरज रंजन
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