मुंबई, 18 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र का आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) बीड में एक फर्जी धार्मिक न्यास की जांच कर रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस न्यास ने एक विवादास्पद अंतरराष्ट्रीय संगठन से धन प्राप्त किया था।
विधानसभा में सतेज पाटिल (कांग्रेस) के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्य के गृह विभाग के प्रभारी फडणवीस ने बताया कि बीड जिले के माजलगांव तालुका के पत्रुद गांव में गुलजार-ए-रजा नाम से एक फर्जी न्यास बनाया गया था।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने अहिल्यानगर स्थित संगठन फैजान-ए-कंजुल ईमान भिंगर के लाइसेंस नंबर का इस्तेमाल करके 4.73 करोड़ रुपये हासिल किए और पांच बैंक खाते खोले।
फडणवीस ने बताया कि इस संबंध में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और उनमें से दो को आठ जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में पता चला कि गुलजार-ए-रजा जिला वक्फ प्राधिकरण या सहकारिता रजिस्ट्रार के पास पंजीकृत नहीं था। न्यास ने अन्य संगठन के पंजीकरण का उपयोग करके तीन साल तक आयकर का भुगतान किया।
उन्होंने बताया कि आयकर विभाग को भी इस मामले में स्वतंत्र जांच करने के लिए कहा गया है।
फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि मामला केवल धार्मिक गतिविधियों के लिए धन जुटाने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाली संस्था दावत-ए-इस्लामी के पास 25 लाख रुपये जमा पाए गए हैं’’ और न्यास के चार खातों में जमा धनराशि को ‘फ्रीज’ कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताए बिना कहा, ‘‘इसलिए एटीएस की समानांतर जांच जारी है, क्योंकि हमने महसूस किया है कि लोगों से एकत्र किए गए चार करोड़ रुपये का इस्तेमाल किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया गया हो सकता है, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।’’
भाषा सुरभि रंजन
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