भाजपा सांसद का आरोप: पार्टी विधायक ने मराठा सम्मान समारोह में आगे की पंक्ति में बैठने से रोका

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भाजपा सांसद का आरोप: पार्टी विधायक ने मराठा सम्मान समारोह में आगे की पंक्ति में बैठने से रोका

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  • Publish Date - June 26, 2026 / 11:09 PM IST,
    Updated On - June 26, 2026 / 11:09 PM IST

पुणे, 26 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी ने शुक्रवार को अपनी ही पार्टी के एक विधायक पर आरोप लगाया कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफल मराठा उम्मीदवारों के सम्मान समारोह के दौरान उन्हें आगे की पंक्ति में बैठने से रोका गया, क्योंकि वह ब्राह्मण समुदाय से हैं।

हालांकि, विधायक अभिमन्यु पवार ने कुलकर्णी के आरोपों पर कहा कि उन्हें गलतफहमी हुई और इस बात से इनकार किया कि इस मामले में जाति कोई मुद्दा थी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए मराठा समुदाय के अभ्यर्थियों का सम्मान किया गया।

इसका आयोजन शुक्रवार दोपहर शहर के गणेश कला क्रीड़ा मंच में ‘छत्रपति शाहू महाराज रिसर्च, ट्रेनिंग एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट (सारथी) ने किया, जो एक स्वायत्त संस्था है।

बाद में पत्रकारों से बातचीत में कुलकर्णी ने आरोप लगाया कि पवार ने उन्हें अगली पंक्ति में बैठने से रोका और कहा कि यह कार्यक्रम मराठा समुदाय के लिए है। उन्होंने कहा कि इस ‘‘आदेश’’ के तुरंत बाद वह कार्यक्रम से चली गईं।

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि कोई और सांसद मौजूद नहीं था, इसलिए अधिकारियों का मानना ​​था कि नियम के अनुसार मैं पहली पंक्ति में बैठ सकती हूं। अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक पिछड़ा विकास महामंडल के अध्यक्ष नरेंद्र पाटिल भी वहां बैठने के हकदार थे।’’

कुलकर्णी ने दावा किया, ‘‘हालांकि, अभिमन्यु पवार पहली पंक्ति में बैठना चाहते थे। जब अधिकारियों ने बताया कि नियम के अनुसार मैं वहां बैठ सकती हूं, तो पवार ने जाति का मुद्दा उठाया और कहा कि चूंकि यह कार्यक्रम मराठा समुदाय के लिए है, इसलिए मेरे पहली पंक्ति में बैठने से विवाद हो सकता है।’’

इन आरोपों का जवाब देते हुए, लातूर जिले के औसा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले पवार ने इस बात से इनकार किया कि जाति कोई मुद्दा था, और कहा कि उन्हें गलतफहमी हुई।

पवार ने कहा, ‘‘मैंने बस इतना कहा था कि चूंकि नरेंद्र पाटिल महामंडल के अध्यक्ष हैं, इसलिए वह पहली पंक्ति में बैठ सकते हैं, जबकि विधायक और सांसद दूसरी पंक्ति में बैठ सकते हैं। यहां जाति का कोई मुद्दा नहीं था। वहां कई लोग मौजूद थे और उन्होंने मेरी बात सुनी थी।’’

भाषा आशीष नेत्रपाल

नेत्रपाल