पुणे, 26 जून (भाषा) रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या की जांच में सामने आया है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी ने ही अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल को उसकी हत्या के लिए उकसाया था। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह दावा किया।
अधिकारी ने बताया, ‘‘दोनों आरोपियों से पूछताछ में यह सामने आया कि चौधरी ने ही गोयल को लोहागढ़ किले पर अग्रवाल की हत्या करने के लिए उकसाया था।’’
उन्होंने बताया कि मामले में गोयल के भाई से भी पूछताछ की गई है।
मीडिया में आई उन खबरों के बारे में पूछे जाने पर, जिनमें दावा किया गया था कि अग्रवाल (25) के विग पहनने के कारण सिया उसे पसंद नहीं करती थी, पुलिस सूत्र ने कहा कि यह सही है कि केतन विग पहनता था, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि सिया के उन्हें नापसंद करने का यही एकमात्र कारण था।
पुलिस के अनुसार, सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) जिनके आपस में प्रेम संबंध थे, पर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में अग्रवाल को एक चट्टान से धक्का देकर मार डाला गया।
जांच से जुड़े पुणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया था कि चट्टान वाले स्थान पर पहुंचने के बाद गोयल ने पहले से तय संकेत चौधरी को दिया, जिसके बाद चौधरी ने अग्रवाल को पीछे से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
इस बीच, सिया गोयल की मां ने दावा किया कि उनकी बेटी 18 जून को लोहागढ़ किले जाने के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन केतन अग्रवाल और उनकी मां ने उसे वहां जाने के लिए मना लिया।
उन्होंने कहा, ‘‘ 17 जून की शाम सिया और केतन के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। इस दौरान केतन ने सिया से लोहागढ़ चलने का आग्रह किया। कॉल के दौरान केतन की मां ने भी सिया से बात की और उसके साथ जाने के लिए कहा। सिया ने उन्हें बताया था कि अगले दिन एक पारिवारिक कार्यक्रम है, इसलिए वह ट्रैकिंग पर नहीं जाना चाहती और आराम करना चाहती है।’’
वहीं, सिया गोयल के पिता ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि शादी के लिए उदयपुर के एक महल की बुकिंग की गई थी और मेहमानों के लिए चार्टर्ड विमान की व्यवस्था की गई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘ यह सही है कि शादी उदयपुर में होनी थी। होटल का किराया प्रति जोड़े के हिसाब से प्रतिदिन लगभग 81 हजार रुपये था और हमने 70 कमरे बुक किए थे। लेकिन शादी पर हमारा कुल खर्च तीन करोड़ रुपये से अधिक नहीं था।’’
भाषा शोभना अविनाश
अविनाश