भाजपा की ‘राष्ट्र प्रथम’ विचारधारा अब ‘गुंडे और चोर प्रथम’ में बदल गई है: उद्धव ठाकरे

भाजपा की 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा अब 'गुंडे और चोर प्रथम' में बदल गई है: उद्धव ठाकरे

भाजपा की ‘राष्ट्र प्रथम’ विचारधारा अब ‘गुंडे और चोर प्रथम’ में बदल गई है: उद्धव ठाकरे
Modified Date: January 13, 2026 / 12:51 am IST
Published Date: January 13, 2026 12:51 am IST

ठाणे, 12 जनवरी (भाषा) शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी ने अपनी पुरानी ‘‘राष्ट्र प्रथम’’ की विचारधारा को त्याग कर अब ‘गुंडे और चोर प्रथम’ का नारा अपना लिया है।

ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाषा) पर भाषाई और धार्मिक आधार पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया।

ठाणे में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के साथ एक संयुक्त रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि वह ‘पुरानी भाजपा मर चुकी है’’ जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखती थी।

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उन्होंने जोर देकर कहा कि मुंबई और ठाणे के अगले महापौर केवल महाराष्ट्रीयन होंगे।

अपने प्रतिद्वंद्वी और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर उन्हीं के गृहक्षेत्र में निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा शिंदे का ‘इस्तेमाल करो और फेंको’ की नीति अपनाएगी।

उद्धव ने कहा, ‘हम मोदी या भाजपा के नहीं, बल्कि देशभक्त और महाराष्ट्र के भक्त हैं।’

उन्होंने लोगों से शिवसेना (उबाठा)-मनसे गठबंधन को वोट देने की अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव जीवन की दिशा तय करने वाला है।

उद्धव ने मौजूदा राज्य सरकार को अब तक की सबसे ‘बेशर्म सरकार’ बताते हुए कहा कि प्रदूषण और कुप्रबंधन के कारण मुंबई-ठाणे कचरे के ढेर में बदल गए हैं।

इससे पहले, राज ठाकरे ने उद्योगपति गौतम अदाणी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अदाणी समूह ने देश के हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर ‘बंदूक की नोक’ पर कब्जा किया है।

भाजपा द्वारा अदाणी के साथ उनकी तस्वीर साझा करने पर पलटवार करते हुए राज ने कहा, ‘मेरे घर रतन टाटा और मुकेश अंबानी भी आए हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मैं किसी के पाप छुपाऊंगा। जब मुंबई और ठाणे खतरे में होंगे, तो मैं दोस्ती की परवाह नहीं करूंगा।’’

राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा मुंबई और उसके पड़ोसी शहरों को गुजरात से जोड़ना चाहती है।

उन्होंने गुजराती समुदाय से भी इस ‘साजिश’ का विरोध करने की अपील की। राज ने कहा, ‘हम दूसरी भाषाओं के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अगर हमारे घर में हमें डराया गया, तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।’

दोनों भाइयों ने एकनाथ शिंदे और भाजपा पर चुनावों में पैसे के बल पर विरोधियों को खरीदने का आरोप लगाया।

भाषा सुमित सिम्मी

सिम्मी


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