भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पुणे के कॉलेज कार्यक्रम में बांग्लादेश के ‘फूड स्टॉल’ में तोड़फोड़ की

भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पुणे के कॉलेज कार्यक्रम में बांग्लादेश के ‘फूड स्टॉल’ में तोड़फोड़ की

भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पुणे के कॉलेज कार्यक्रम में बांग्लादेश के ‘फूड स्टॉल’ में तोड़फोड़ की
Modified Date: February 11, 2026 / 09:13 pm IST
Published Date: February 11, 2026 9:13 pm IST

पुणे, 11 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की युवा शाखा ‘भाजयुमो’ के सदस्यों ने पुणे में एक निजी विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश के ‘फूड स्टॉल’ में तोड़फोड़ की और पड़ोसी देश के राष्ट्रीय ध्वज को आग लगा दी।

उन्होंने ‘भारत विरोधी’ रुख के लिए बांग्लादेश के खिलाफ नारे भी लगाए।

तोड़फोड़ के संबंध में एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (डब्ल्यूपीयू) की ओर से अभी तक औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के एक पदाधिकारी ने घटना की पुष्टि की है।

कोथरुड थाने के वरिष्ठ निरीक्षक संदीप देशमाने ने संपर्क करने पर कहा कि यह घटना कार्यक्रम के बाद हुई। उन्होंने विस्तार से कुछ बताए बिना कहा, ‘‘हम जांच कर रहे हैं।’’

एमआईटी-डब्ल्यूपीयू परिसर में मंगलवार को आयोजित विश्व सांस्कृतिक महोत्सव (डब्ल्यूसीएफ) के तहत विभिन्न देशों के छात्रों द्वारा ‘फूड स्टॉल’ लगाए गए थे।

एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के रजिस्ट्रार गणेश पोकले द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ‘‘एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। प्रारंभिक जानकारी से संकेत मिलता है कि कुछ अनधिकृत व्यक्तियों ने परिसर में प्रवेश किया। विश्वविद्यालय पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में है।’’

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विविधता को सामने लाने और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को एक मंच प्रदान करने के लिए हर साल डब्ल्यूसीएफ का आयोजन किया जाता है। इस तरह के आयोजन हर साल शहर के अन्य विश्वविद्यालयों में भी आयोजित किए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सभी के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी माहौल सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है।

पुणे शहर भाजयुमो के अध्यक्ष दुष्यंत मोहोल ने कहा कि यह घटना तब हुई जब बांग्लादेश फूड स्टॉल पर छात्रों ने अपना राष्ट्रीय ध्वज हटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद दूसरा झंडा लगा दिया गया।

मोहोल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘चूंकि स्टॉल पर बांग्लादेश का झंडा लगाया गया था, इसलिए कुछ स्थानीय छात्रों ने बांग्लादेश के मौजूदा भारत-विरोधी रुख का हवाला देते हुए उन्हें इसे हटाने के लिए कहा। स्टॉल पर मौजूद छात्रों ने झंडा हटाने के बजाय एक और झंडा लगा दिया, जिससे स्थानीय छात्र नाराज हो गए। जब ​​हमें इसके बारे में पता चला, तो हमने स्टॉल में तोड़फोड़ की और उनका झंडा जला दिया।’’

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश


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