बीएमसी चुनाव: उंगली पर लगी ‘पक्की’ स्याही मिटाने का वीडियो हुआ वायरल, एसईसी ने जांच शुरू की

बीएमसी चुनाव: उंगली पर लगी ‘पक्की’ स्याही मिटाने का वीडियो हुआ वायरल, एसईसी ने जांच शुरू की

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 04:46 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 04:46 PM IST

मुंबई, 15 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) दिनेश वाघमारे ने बृहस्पतिवार को कहा कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में मतदान के दौरान उंगलियों पर लगाई गई स्याही लोगों द्वारा मिटाये जाने के वायरल वीडियो की जांच चल रही है और झूठा विमर्श फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

बीएमसी चुनावों के लिए मतदान शुरू होते ही सोशल मीडिया पर आम मतदाताओं, नेताओं और मीडियाकर्मियों के ऐसे कई वीडियो सामने आये, जिनमें वे मतदान के बाद अपनी उंगलियों पर लगी ‘पक्की’ स्याही को एसीटोन से मिटाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

एसीटोन का इस्तेमाल आमतौर पर नेल पॉलिश हटाने के लिए किया जाता है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त वाघमारे ने कहा कि ‘पक्की’ स्याही को सूखने में समय लगता है और इसे मिटाना नहीं चाहिए।

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कोरेस कंपनी की मार्कर स्याही 2011 से इस्तेमाल की जा रही है। स्याही की रासायनिक संरचना भी सही है।

उन्होंने कहा, ‘‘मार्कर स्याही मिटाने के वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और झूठा विमर्श फैलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।’’

वाघमारे ने कहा कि मार्कर कलम के अनुभव को देखते हुए, अगले महीने होने वाले जिला परिषद चुनावों में ‘पक्की’ स्याही का इस्तेमाल किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि फर्जी मतदान की केवल एक शिकायत प्राप्त हुई है और उसके अनुसार कार्रवाई की गई है।

लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मतदान केंद्रों पर, मतदाता सूची में मतदाताओं के नाम न मिलने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सूची को वार्ड के अनुसार विभाजित किया गया है।

उन्होंने कहा कि पहले से जानकारी प्राप्त करना मतदाता और उम्मीदवार दोनों का कर्तव्य है।

वाघमारे ने कहा, ‘एसईसी को आसान निशाना बनाया जा रहा है। आयोग को हर बात के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता। वार्डवार मतदान के लिए विधानसभा और लोकसभा के मतदान केंद्र अलग-अलग हो सकते हैं।’’

वाघमारे ने कहा कि राज्य के मंत्री गणेश नाइक नवी मुंबई में गलत मतदान केंद्र पर चले गए थे, जिसके कारण उनके मतदान करने में देर हुई।

इससे पहले, कांग्रेस की मुंबई इकाई की नेता एवं लोकसभा सदस्य वर्षा गायकवाड ने अपने पार्टी सहयोगी का एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वह अपनी उंगली में लगी स्याही मिटाने के लिए एसीटोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘क्या बीएमसी जवाबदेही से पल्ला झाड़ रही है? सुबह से हमें कई शिकायतें मिल रही हैं कि मताधिकार का निशान दिखाने के लिए इस्तेमाल की जा रही स्याही आसानी से मिटाई जा सकती है। मेरे सहयोगी और उनकी पत्नी यहां दिखा रहे हैं कि इस स्याही को एसीटोन या ‘नेल पॉलिश रिमूवर’ से कितनी आसानी से मिटाया जा सकता है।’’

गायकवाड ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘इस बार बीएमसी चुनाव के प्रबंधन ने जवाबदेही और पारदर्शिता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मतदाताओं को आखिरी समय में दी गई रिश्वतों को अनदेखा किया गया, मतदाताओं के नाम गायब हैं, लोगों को राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट में अपना नाम ढूंढने में मुश्किल हो रही है और स्याही को आसानी से मिटाया जा रहा है। हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का विश्वास हर कीमत पर सुरक्षित रखा जाना चाहिए, लेकिन आयोग और बीएमसी को इसकी कोई परवाह नहीं। शर्मनाक!’’

एक टीवी चैनल के पत्रकार ने पनवेल से लौटने के तुरंत बाद अपने स्टूडियो में एसीटोन का उपयोग करके स्याही मिटाने का एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने पनवेल में अपना वोट डाला था।

स्याही आसानी से मिटने के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीएमसी ने एक बयान में कहा कि ऐसी खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।

बयान में कहा गया कि प्रक्रिया के अनुसार, मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर वोट डालते समय मतदान कर्मचारी मतदाता के बाएं हाथ की एक उंगली पर पक्की स्याही लगाते हैं।

भाषा सुभाष सुरेश

सुरेश