Meenakshi Natarajan Nomination Case: रद्द हुआ नामांकन तो भड़की कांग्रेस, बड़े नेताओं ने निर्वाचन आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, मीनाक्षी बोली- तानाशाही के खिलाफ लड़ेगी हमारी पार्टी

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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, भोपाल में कांग्रेस की PC, Meenakshi Natarajan Nomination Case Congress PC

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  • Publish Date - June 9, 2026 / 07:57 PM IST,
    Updated On - June 9, 2026 / 10:26 PM IST

CG Congress News || Image- IBC24

भोपाल। Meenakshi Natarajan Nomination Case: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को रिटर्निंग अफसर ने रद्द कर दिया है। कांग्रेस इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए। जीतू पटवारी ने निर्वाचन आयोग के सामने भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश को कलंकित करने रात दिन लगी है। निर्वाचन आयोग ने आज काला अध्याय दर्ज करा दिया। राजनीतिक दुष्टता है कि रिटर्निंग अधिकारी ने बीजेपी के लिए काम किया। वहीं अजय गुप्ता ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर का यह आदेश अंसवैधानिक है। 11 जून को निर्वाचन परिणाम आ जायेंगे। हम कोर्ट भी जायेंगे तो कोर्ट की इस समय छुट्टियां चल रही है।

प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि लीगल नोटिस का उल्लेख का प्रावधान ही नहीं है। चुनाव आयोग अब तक वोट चोरी कर रहा था। अब सीट चोरी कर रहा है। यह मीनाक्षी नटराजन की लड़ाई नहीं देश को बचाने की लड़ाई है। यह फ़ैसला बताता है देश में चुनाव आयोग जैसी संस्था नहीं है। आज का दिन काला दिवस है। यह लड़ाई हम कोर्ट में लड़ेंगे और सड़क पर भी रखेंगे।

मीनाक्षी नटराजन बोली- सीट चोरी तक पहुंचा मामला

वहीं मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि बहुमत न होने के बावजूद भाजपा ने जैसे ही तीसरा उम्मीदवार उतारा तो हमें यह समझ आ गया कि अब ये लोकतंत्र को कुचलने की राजनीति शुरू करेंगे। SIR और वोट चोरी तक जो मामला सीमित था, अब वह सीट चोरी तक पहुंच गया है। उन्हें लगा कि कांग्रेस संगठित है तो एक लीगल नोटिस की आड़ में…जो कॉग्निजेंट यानी संज्ञान में भी नहीं था, उसके आधार पर नामांकन को चुनौती दे दी। हमारे वकील साथियों ने सारे तथ्य रिटर्निंग ऑफिसर के सामने रखे। उनके ऑर्ग्यूमेंट की सुनवाई तक नहीं की गई। यह बहुत स्पष्ट है कि उनकी नीति और नियत क्या है? आज गंभीर परिस्थितियां देश के सामने हैं। सवाल यह है कि लोकतंत्र जीतेगा या नहीं, भारत का जो फेडरल स्ट्रक्चर है, वह रहेगा या नहीं? इस तरह से वन पार्टी सिस्टम और तानाशाही भ्रष्ट होगी या नहीं? लेकिन हमारी पूरी पार्टी इकट्ठा होकर इन ताकतों के खिलाफ लड़ेगी।

क्यों रद्द हुआ नामांकन

बता दें कि हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में नगर निगम पार्षद ए. श्रीलता की ओर से दायर याचिका में मीनाक्षी नटराजन का नाम शामिल है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एक कथित छेड़छाड़ प्रकरण में आरोपी को संरक्षण दिया गया। भाजपा का कहना है कि अदालत द्वारा जारी नोटिस की जानकारी भी शपथ पत्र में दर्ज नहीं की गई। स्क्रूटनी के दौरान भाजपा नेताओं ने संबंधित दस्तावेज निर्वाचन अधिकारी को सौंपते हुए नामांकन पर पुनर्विचार की मांग की थी। शिकायत पर जांच के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने उनका नामांकन रद्द कर दिया।

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