Meenakshi Natarajan Nomination Case: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने से MP में नया बवाल! कांग्रेस नेताओं ने EC दफ्तर के बाहर दिया धरना, लगाए कई गंभीर आरोप

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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने से MP में नया बवाल! कांग्रेस नेताओं ने EC दफ्तर के बाहर दिया धरना, Meenakshi Natarajan Nomination Case Congress Protest

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  • Publish Date - June 9, 2026 / 10:08 PM IST,
    Updated On - June 9, 2026 / 10:08 PM IST

भोपाल। Meenakshi Natarajan Nomination Case मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को रिटर्निंग अफसर ने रद्द कर दिया है। इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत गर्म हो गई है। कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ सड़क से लेकर चुनाव आयोग तक मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भोपाल स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। धरने में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कई वरिष्ठ नेता, विधायक और संगठन पदाधिकारी शामिल हैं।

Meenakshi Natarajan Nomination Case इससे पहले पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश को कलंकित करने रात दिन लगी है। निर्वाचन आयोग ने आज काला अध्याय दर्ज करा दिया। राजनीतिक दुष्टता है कि रिटर्निंग अधिकारी ने बीजेपी के लिए काम किया। वहीं अजय गुप्ता ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर का यह आदेश अंसवैधानिक है। 11 जून को निर्वाचन परिणाम आ जायेंगे। हम कोर्ट भी जायेंगे तो कोर्ट की इस समय छुट्टियां चल रही है।

प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि लीगल नोटिस का उल्लेख का प्रावधान ही नहीं है। चुनाव आयोग अब तक वोट चोरी कर रहा था। अब सीट चोरी कर रहा है। यह मीनाक्षी नटराजन की लड़ाई नहीं देश को बचाने की लड़ाई है। यह फ़ैसला बताता है देश में चुनाव आयोग जैसी संस्था नहीं है। आज का दिन काला दिवस है। यह लड़ाई हम कोर्ट में लड़ेंगे और सड़क पर भी रखेंगे। वहीं मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि सदस्य संख्या नहीं होने पर भी बीजेपी ने प्रत्याशी उतारा। SIR से वोट चोरी की और अब सीट चोरी कर रहे हैं। एक लीगल नोटिस की आड़ में नामांकन निरस्त कर दिया। यह राज्य सभा की सीट की लड़ाई नहीं यह लोकतंत्र की लड़ाई है यह तानाशाही है, जो भी फ़ोरम लोकतंत्र के दायरे में है हम उसका उपयोग करेंगे।

क्यों रद्द हुआ नामांकन? (Meenakshi Natarajan Nomination Case)

बता दें कि हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में नगर निगम पार्षद ए. श्रीलता की ओर से दायर याचिका में मीनाक्षी नटराजन का नाम शामिल है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एक कथित छेड़छाड़ प्रकरण में आरोपी को संरक्षण दिया गया। भाजपा का कहना है कि अदालत द्वारा जारी नोटिस की जानकारी भी शपथ पत्र में दर्ज नहीं की गई। स्क्रूटनी के दौरान भाजपा नेताओं ने संबंधित दस्तावेज निर्वाचन अधिकारी को सौंपते हुए नामांकन पर पुनर्विचार की मांग की थी। शिकायत पर जांच के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने उनका नामांकन रद्द कर दिया।

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