‘एक्सपायरी’ सामान निस्तारण के लिये एफडीए को सौंपे एमेजॉन : बंबई उच्च न्यायालय
‘एक्सपायरी’ सामान निस्तारण के लिये एफडीए को सौंपे एमेजॉन : बंबई उच्च न्यायालय
मुंबई, 10 अगस्त (भाषा) अमेजन रिटेल इंडिया के एक गोदाम के खिलाफ महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की सख्त कार्रवाई पर उसे फटकार लगाने के कुछ दिनों बाद, बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को ई-कॉमर्स कंपनी को आदेश दिया कि वह भिवंडी स्थित अपने गोदाम से सभी ‘एक्सपायर’ (उपयोगअवधि पूरा कर चुके) हो चुके और खराब सामान को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने के लिए एजेंसी को सौंप दे।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने एफडीए को यह भी निर्देश दिया कि वह एमेजॉन की उस याचिका के जवाब में 27 अगस्त तक अपना हलफनामा दाखिल करे, जिसमें कंपनी ने उसके गोदाम का लाइसेंस निलंबित किए जाने को चुनौती दी है।
अमेजन रिटेल इंडिया ने बंबई उच्च न्यायालय का तब रुख किया जब एफडीए ने ठाणे जिले के भिवंडी स्थित उसके गोदाम के खिलाफ कथित तौर पर ‘एक्सपायर’ हो चुके खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के बजाय खुदरा बाजार में भेजने के आरोप में कार्रवाई की।
अस्थायी व्यवस्था के तौर पर, अदालत ने सोमवार को कहा कि याचिकाकर्ता को इस गोदाम में मौजूद अपनी सभी ‘एक्सपायर’ और खराब हो चुकी चीजों की एक सूची तैयार करनी होगी और उन्हें संबंधित एफडीए अधिकारी को सौंपना होगा।
इसमें कहा गया है कि इसके बाद अधिकारी कानून के मुताबिक सामान के निस्तारण के लिए कदम उठाएंगे और इस प्रक्रिया का खर्च एमेजॉन को उठाना होगा।
याचिका के अनुसार, एफडीए अधिकारियों ने 24 जून को गोदाम का दौरा किया और बिना कोई सुधार नोटिस जारी किए अगले ही दिन उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया।
इसके बाद संबंधित प्राधिकारी के पास एक अपील दायर की गई। हालांकि, एक जुलाई को अपील पर कार्रवाई लंबित ही थी कि एफडीए ने याचिकाकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया और फिर उसका लाइसेंस रद्द कर दिया।
शुक्रवार को उच्च न्यायालय ने एफडीए को फटकार लगाते हुए कहा कि अपनी नीति को जोर-शोर से लागू करते समय एजेंसी “तलवार से मच्छर मारने” की कोशिश कर रही थी, और उसे व्यवस्थित तरीके से काम करने की सलाह दी।
भाषा प्रशांत अमित
अमित

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