हिंगोली, पांच जून (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा छह जून को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले यहां पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के दोस्तों और परिचितों का मानना है कि उनके द्वारा शुरू किया गया आंदोलन एक गंभीर मुद्दे के लिए है और इसमें भटकाव नहीं आना चाहिए।
वे यह भी चाहते हैं कि सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ सहयोग करे।
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव के रहने वाले दीपके अमेरिका के बोस्टन में पढ़ाई कर रहे हैं, जहां उन्होंने हाल ही में जनसंपर्क में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है।
इस सप्ताह की शुरुआत में, दीपके ने घोषणा की कि वह परीक्षा संबंधी खामियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए छह जून को बोस्टन से भारत लौटेंगे।
दीपके ने एक वीडियो में कहा कि परीक्षा संबंधी विवादों और व्यवधानों से छात्रों में चिंता है, और सरकार से जवाबदेही की मांग की। दीपके द्वारा स्थापित युवा-संचालित सोशल मीडिया आंदोलन (सीजेपी) ने पिछले महीने शुरू होने के बाद से लोकप्रियता हासिल की है। कई सार्वजनिक शख्सियत भी सीजेपी से जुड़ी हैं।
दीपके के प्रस्तावित आंदोलन के बारे में बात करते हुए, संतुक पिंपरी गांव के उनके मित्र उस्मान शेख ने कहा कि वह चाहते हैं कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “अभिजीत हालांकि गांव में ज्यादा नहीं रहता था, लेकिन जब भी वह छुट्टियों में यहां आता था, हम साथ में समय बिताते थे। उसने एक मुद्दे को लेकर आंदोलन का आह्वान किया है। एक मित्र होने के नाते, मैं आशा करता हूं कि आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और सरकार भी सहयोग करे।”
संतुक पिंपरी गांव के सरपंच और दीपके के रिश्तेदार विजय पुरी ने कहा कि यह आंदोलन उन मुद्दों के लिए किया जा रहा है जिनसे देशभर के लोग प्रभावित हैं।
उन्होंने कहा, “उन्होंने (दीपके ने) एक बयान की प्रतिक्रिया स्वरूप आंदोलन शुरू किया। जहां तक आंदोलन का सवाल है, सरकार को प्रदर्शनकारियों के साथ सहयोग करना चाहिए और प्रदर्शनकारियों को भी नियमों और विनियमों का पालन करना चाहिए।”
जब सरपंच से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि अभिजीत को राजनीति में आना चाहिए, तो उन्होंने कहा, “उन्होंने जो मुद्दा उठाया है और जो आंदोलन शुरू किया है, वह उनके गुस्से की अभिव्यक्ति है। चाहे वह किसी राजनीतिक दल के बारे में बात करें या उसकी आलोचना करें, यह एक अलग बात है।”
पुरी ने कहा, “जिस मुद्दे पर वे अभी बोल रहे हैं, वह राष्ट्रीय महत्व का है। सरकार को उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। प्रतिभागियों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि विरोध प्रदर्शन बेकाबू न हो जाए।”
दीपके के माता-पिता वर्तमान में छत्रपति संभाजीनगर के एमआईडीसी वालुज पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिडको क्षेत्र में रहते हैं।
कई प्रयासों के बावजूद, उनके पिता भगवान दीपके से कोई संपर्क स्थापित नहीं हो सका।
दीपके के आवास पर सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूछे जाने पर, एमआईडीसी वालुज पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक रामेश्वर गाडे ने कहा, “पहले हमने उनके घर के बाहर एक गार्ड तैनात किया था। लेकिन अब हमने सुरक्षा बढ़ा दी है। आज से हमने एक अधिकारी के साथ 10 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। हम स्थिति की समीक्षा करेंगे और उचित निर्णय लेंगे। फिलहाल उनका परिवार वहां नहीं रह रहा है।”
पिछले महीने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा की गई टिप्पणियों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) सामने आयी । प्रधान न्यायाधीश ने अदालती सुनवाई के दौरान कुछ व्यक्तियों को “कॉकरोच” और “परजीवी” कहा था।
भाषा प्रशांत रंजन
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