शह मात The Big Debate: अब UCC का दांव..’गढ़’ में होगा बदलाव? क्रेडिट लेने की कोशिश में कांग्रेस, बांटने वाली राजनीति पर क्या है सरकार का जवाब?

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UCC in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में UCC के प्रावधान तैयार करने जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में कमेटी ने राज्य में रायशुमारी शुरू कर दी है।

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  • Publish Date - August 7, 2026 / 11:43 PM IST,
    Updated On - August 7, 2026 / 11:44 PM IST

UCC in Chhattisgarh/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में कमेटी ने राज्य में UCC को लेकर रायशुमारी शुरू कर दी है।
  • डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा कि कानून के दायरे से अनुसूचित जनजाति को अलग रखा जाएगा
  • UCC का विरोध करती आई कांग्रेस अब इसका क्रेडिट लेने की कोशिश में है।

UCC in Chhattisgarh: रायपुर: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी के प्रावधान तैयार करने जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में कमेटी ने राज्य में रायशुमारी शुरू कर दी है। विपक्ष लगातार अनुसूचित जनजाति के विशेष अधिकारों का हवाला देकर उन्हें यूसीसी के दायरे में लाने की आशंका जताता रहा, लेकिन अब एक बार सरकार की तरफ से डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अनुसूचित जनजाति को यूसीसी के दायरे से बाहर रखने की बात कह चुके हैं। डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा कि कानून के दायरे से अनुसूचित जनजाति को अलग रखा जाएगा, बाकी समाजों के लिए एक कानून का प्रावधान होना चाहिए।

इधर, शुरूआत से ही UCC का विरोध करती आई कांग्रेस अब इसका क्रेडिट लेने की कोशिश में है। (UCC in Chhattisgarh) पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस ने अनुसूचित जनजाति को लेकर आवाज उठाई, दूसरी तरफ पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, सभी को जोड़ते हैं जबकि भाजपा लोगों को जाति-धर्म में बांटने का काम करती है।

UCC in Chhattisgarh: सरकार साफ कर चुकी है कि मध्यप्रदेश, उत्तराखंड और अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी अनुसूचित जनजाति को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा जाएगा।दरअसल, छत्तीसगढ़ में गोंड, कंवर, बैगा, उरांव, अबूझमाड़िया जैसी लगभग 42 जनजातियां निवास करती हैं जो कि राज्य की कुल आबादी का 30 फीसदी से ज्यादा है। प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पांचवी अनुसूची लागू है…उनकी मान्यताएं, परंपराएं अलग हैं जिनका वो कई पीढ़ियों से पालन करते आए हैं।

सरकार का प्रयास है कि विधानसभा के शीत सत्र में यूसीसी बिल को पास कराके, लागू कर दिया जाए। सरकार ये साफ कर चुकी है कि UCC से आदिवासी बाहर रहने वाले हैं। अब सवाल ये कि क्या इस पर सियासी बहस खत्म होगी या 30 प्रतिशत से ज्यादा ST आबादी को बाहर करने पार सियासी श्रेय और अन्य दलों की परंपराओं का हवाला देकर सियासत गर्माती रहेगी?

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