मुंबई, 24 अप्रैल (भाषा) महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को लेकर मुंबई में भाजपा की रैली के कारण यातायात जाम होने पर महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन से बहस करने वाली महिला के खिलाफ शिकायत दायर की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि बुधवार को वर्ली थाने में अधिवक्ता गुणरत्न सदावर्ते की बेटी जेन सदावर्ते ने संबंधित महिला के खिलाफ शिकायत की।
घटना मंगलवार को वर्ली के पॉश इलाके में भाजपा द्वारा आयोजित एक रैली के दौरान हुई। यह रैली लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण शीघ्र लागू करने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने पर विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए आयोजित की गई थी।
रैली के दौरान जब महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे, तभी एक नाराज महिला ने उनसे बहस करते हुए सड़क जाम करने और यात्रियों को हो रही असुविधा को लेकर कड़ी आपत्ति जताई।
महिला ने कहा, ‘‘यहां से चले जाइए, आप यातायात जाम कर रहे हैं।’’
उसने यह भी पूछा कि रैली पास के खुले मैदान में क्यों नहीं आयोजित की गई।
अपनी शिकायत में सदावर्ते ने कहा कि महिला ने हंगामा किया, अपशब्दों का प्रयोग किया, रैली में बाधा डाली और सार्वजनिक अशांति फैलाई।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस देश में मेहनती पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, संविधान और संवैधानिक तंत्र का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’
सदावर्ते ने पुलिस से महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज करने का अनुरोध किया।
पुलिस उपायुक्त कृष्णकांत उपाध्याय ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट किया जाता है कि 21 अप्रैल को वर्ली के जाम्भोरी मैदान के पास हुई रैली के दौरान यातायात जाम की आलोचना करने और प्रदर्शनकारियों पर सवाल उठाने वाली महिला के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।’’
इससे पहले मंत्री महाजन ने कहा था कि महिला का गुस्सा ‘‘कुछ हद तक’’ जायज था, लेकिन उसकी भाषा अनुचित थी। उन्होंने उसके खिलाफ किसी कानूनी कार्रवाई से इनकार किया था।
मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने रैली के कारण यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद व्यक्त किया था।
पुलिस ने नियमों के उल्लंघन के आरोप में रैली आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
भाषा नेत्रपाल नरेश
नरेश