घुसपैठियों के जरिये मुंबई की जनसांख्यिकी बदलने की साजिश है: भाजपा नेता दरेकर
घुसपैठियों के जरिये मुंबई की जनसांख्यिकी बदलने की साजिश है: भाजपा नेता दरेकर
मुंबई, 28 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र विधान परिषद में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य प्रवीण दरेकर ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों का हवाला देते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि मुंबई को बर्बाद करने, इसकी जनसांख्यिकी को बदलने और एक विशिष्ट समुदाय की आबादी बढ़ाने की एक सुनियोजित साजिश है।
विधान परिषद में दरेकर द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि सरकार ने 2025 में राज्य में अवैध रूप से रह रहे 2,000 से अधिक बांग्लादेशियों को निर्वासित किया।
कदम ने राज्य विधानमंडल के उच्च सदन को बताया कि 2021 में महाराष्ट्र ने अवैध रूप से रह रहे 109 बांग्लादेशियों को निर्वासित किया, इसके बाद 2022 में 77, 2023 में 127 और 2024 में 202 बांग्लादेशियों को निर्वासित किया गया।
मंत्री ने बताया कि पिछले साल 2037 बांग्लादेशियों को निर्वासित किया गया। उन्होंने कहा कि इस साल भारत में अवैध रूप से रह रहे 1,000 से अधिक बांग्लादेशियों को निर्वासित किया जा चुका है।
विधान पार्षद (एमएलसी) दरेकर ने आरोप लगाया कि बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी)के ‘‘भ्रष्ट चिकित्सकों’’ने 237 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए। उन्होंने यह भी दावा किया कि शहर में हजारों बांग्लादेशी फेरीवाले हैं।
दरेकर ने कहा, ‘‘मुंबई को बर्बाद करने और जनसांख्यिकी को बदलने तथा एक विशिष्ट समुदाय की आबादी बढ़ाने की एक सोची-समझी साजिश है।’’ उन्होंने कई झुग्गी-झोपड़ियों में ‘भूमि जिहाद’ का भी आरोप लगाया।
भाजपा नेता और मनोनीत एमएलसी चित्रा वाघ ने दावा किया कि ‘लव जिहाद’ भी चल रहा है।
कदम ने पहले कहा था कि पुलिस महाराष्ट्र में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को गिरफ्तार करेगी, उन पर मुकदमा चलाएगी और उनकी दोषसिद्धि सुनिश्चित करेगी। इस प्रक्रिया के बाद, उन्हें निर्वासित कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, हालांकि, केंद्र की अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार अब उन्हें सीधे निर्वासित कर सकती है यदि उसके पास इस बात का सबूत हो कि वे बांग्लादेशी नागरिक हैं।
कदम ने कहा कि ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें कुछ लोग पिछले 40 वर्षों से अवैध रूप से रह रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि कुछ मामलों में, निर्वासित किए गए बांग्लादेशी भी वापस लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि घुसपैठिये पहले पश्चिम बंगाल के रास्ते सीमा पार कर देश में दाखिल होते हैं।
कदम ने कहा, ‘‘हम खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हैं।’’
मंत्री ने कहा कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की पहचान करने के बाद, उन्हें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंप दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि राज्य में पहला निरुद्ध केंद्र स्थापित करने के लिए 20 करोड़ रुपये मंजूर किये गए हैं।
भाषा धीरज प्रशांत
प्रशांत

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