ठाणे में 22 छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोपी रसोइया पहले भी पॉक्सो मामले में जा चुका है जेल

ठाणे में 22 छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोपी रसोइया पहले भी पॉक्सो मामले में जा चुका है जेल

ठाणे में 22 छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोपी रसोइया पहले भी पॉक्सो मामले में जा चुका है जेल
Modified Date: August 28, 2026 / 10:38 am IST
Published Date: August 28, 2026 10:38 am IST

ठाणे, 28 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक सरकारी आश्रमशाला की 22 नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में इस सप्ताह की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया रसोइया पहले भी यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत जेल जा चुका है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, वह आदतन अपराधी है और पिछले मामले में निलंबित किए जाने के बावजूद बाद में उसे बहाल कर दिया गया था।

एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना (आईटीडीपी), शहापुर की परियोजना अधिकारी तेजस्विनी आर. जी. ने बताया कि शहापुर के टेंभा स्थित आश्रमशाला में काम करने वाला आरोपी गणपति गावली पहले आघई की एक अन्य आश्रमशाला में भी इसी तरह के आरोपों का सामना कर चुका है।

उन्होंने बताया कि इस सप्ताह की शुरुआत में गिरफ्तारी के बाद गावली को निलंबित कर दिया गया है।

तेजस्विनी ने कहा, ‘‘आदतन अपराधी गावली की सेवानिवृत्ति में केवल 10 महीने बाकी हैं। आघई की एक अन्य आश्रमशाला में पॉक्सो अधिनियम अपराधों को लेकर भी उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और तब उसे निलंबित किया गया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बाद में उसे किसने और किन परिस्थितियों में बहाल किया।’’

टेंभा स्थित आश्रमशाला की छात्राओं ने 24 अगस्त को पहली बार अधिकारियों से शिकायत की थी। इसके बाद अधीक्षक ने मामला प्रधानाध्यापक के पास भेजा। प्रधानाध्यापक ने तत्काल जनजातीय विकास विभाग को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी।

तेजस्विनी ने बताया कि इसके बाद शहापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘इस बात में कोई संदेह नहीं है कि वह इस तरह की हरकतों में शामिल था। 17-18 छात्राओं का एक ही तरह की शिकायत करना अपने आप में इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उनके आरोप सही हैं।’’

अधिकारियों के अनुसार, गावली को इससे पहले आघई आश्रमशाला में छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जेल से रिहा होने के बाद उसे मुरबाड की मोरोशी आश्रमशाला में तैनात किया गया था। टेंभा आश्रमशाला में हालिया तबादले से पहले वह वहीं कार्यरत था।

भाषा खारी रंजन

रंजन


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