जंतर-मंतर पर जेन-जी आंदोलन के बाद सत्ता के खिलाफ बोलने का डर खत्म हुआ: आइसा अध्यक्ष बोरा
जंतर-मंतर पर जेन-जी आंदोलन के बाद सत्ता के खिलाफ बोलने का डर खत्म हुआ: आइसा अध्यक्ष बोरा
नागपुर, 27 अगस्त (भाषा) ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए ‘जेन-जी’ आंदोलन ने लोगों के भीतर सत्ता के खिलाफ आवाज उठाने का डर खत्म कर दिया है और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को छात्रों और युवाओं तक पहुंचने के लिए मजबूर किया है।
बोरा ने कहा कि पिछले एक दशक से सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ बोलने और सरकार से सवाल पूछने को लेकर लोगों में पहले डर था।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन से संबद्ध वामपंथी छात्र संगठन आइसा की प्रमुख बोरा ने नागपुर के वसंतराव देशपांडे सभागार में ‘रजिस्टेंस (प्रतिरोध) -सब याद रखा जाएगा’ विषय पर एक सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ने सत्ता के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को ‘‘राष्ट्र-विरोधी’’ और ‘‘देशद्रोही’’ बताकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की।
बोरा ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों ने लोगों के भीतर आवाज उठाने का डर खत्म कर दिया और अब नागरिकों के सवालों से सत्तारूढ़ भाजपा डरी हुई है।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ जंतर-मंतर पर 23 दिन तक भूख हड़ताल करने वाली आइसा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘भाजपा ने कभी कल्पना नहीं की थी कि पिछले कुछ महीनों में वह युवाओं के बीच इतनी अलोकप्रिय हो गई है।’’
भाषा
सिम्मी सुभाष
सुभाष

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