अदालत ने सीबीआई ने रिलायंस एडीएजी के पूर्व कार्यकारी झुनझुनवाला को गिरफ्तार करने की अनुमति दी
अदालत ने सीबीआई ने रिलायंस एडीएजी के पूर्व कार्यकारी झुनझुनवाला को गिरफ्तार करने की अनुमति दी
मुंबई/नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) मुंबई की एक अदालत ने सोमवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को उद्योगपति अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह के पूर्व वरिष्ठ कार्यकारी अमिताभ झुनझुनवाला को बैंक ऋणों के कथित दुरुपयोग से संबंधित मामले में गिरफ्तार करने की अनुमति दे दी।
मामला कंपनी द्वारा कथित ऋण धोखाधड़ी में भारतीय स्टेट बैंक को हुए 2,929.05 करोड़ रुपये के नुकसान से संबंधित है।
झुनझुनवाला को नयी दिल्ली की तिहाड़ केंद्रीय जेल से एक पेशी वारंट पर सीबीआई के विशेष न्यायाधीश जे.पी. दरेकर के सामने पेश किया गया। झुनझुनवाला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच वाले एक संबंधित धनशोधन मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
उन्हें पेश किए जाने के बाद, सीबीआई ने विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) ए. लिमोसिन के माध्यम से आरोपी को हिरासत में लेने और औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने की अनुमति मांगने के लिए एक आवेदन दायर किया।
झुनझुनवाला की ओर से पेश अधिवक्ता रीति उपाध्याय और मुदित जैन ने तर्क दिया कि दिल्ली की एक अदालत द्वारा जारी किए गए पेशी वारंट के अनुसार, अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (रिलायंस एडीएजी) के पूर्व कार्यकारी को पांच जून को अदालत के समक्ष पेश किया जाना था।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि उस तारीख से पहले अदालत के समक्ष उनकी पेशी अवैध है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, मुंबई की अदालत ने सीबीआई के उस आवेदन को स्वीकार कर लिया जिसमें कानून के प्रावधानों के अनुसार आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने की अनुमति मांगी गई थी।
इसके बाद सीबीआई ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
नयी दिल्ली में सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘झुनझुनवाला की पुलिस हिरासत याचिका पर कल (मंगलवार) सुनवाई होगी।”
इस बीच, देर होने और आरोपी की दिल्ली से यात्रा की दूरी को देखते हुए, अदालत ने झुनझुनवाला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
रिलायंस कम्युनिकेशंस समूह के समूह प्रबंध निदेशक झुनझुनवाला कॉर्पोरेट वित्त, बैंकिंग, निधियों के उपयोग आदि जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की देखरेख कर रहे थे।
भाषा प्रशांत वैभव
वैभव

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