नागपुर की सेवानिवृत्त नर्स को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर साइबर अपराधियों ने 90 लाख रुपये ठगे

नागपुर की सेवानिवृत्त नर्स को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर साइबर अपराधियों ने 90 लाख रुपये ठगे

नागपुर की सेवानिवृत्त नर्स को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर साइबर अपराधियों ने 90 लाख रुपये ठगे
Modified Date: May 24, 2026 / 09:42 pm IST
Published Date: May 24, 2026 9:42 pm IST

नागपुर (महाराष्ट्र), 24 मई (भाषा) नागपुर की 72 वर्षीय एक सेवानिवृत्त नर्स को साइबर अपराधियों ने कई हफ्तों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर उनसे 90.65 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

साइबर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जरीपटका की निवासी इस बुजुर्ग महिला की परेशानी पिछले साल नवंबर में तब शुरू हुई, जब उसे एक ऐसे व्यक्ति का फोन आया जिसने खुद को कानून लागू करने वाली एजेंसी का अधिकारी बताया।

अधिकारी ने बताया, ‘‘आरोपियों ने महिला को यह कहकर डराया कि उनका नाम धन शोधन के एक मामले में सामने आया है और उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। आरोपियों ने वीडियो कॉल के जरिए फर्जी पुलिस और अदालती कार्यवाही करके उन्हें डराया। फिर उन्होंने महिला को 26 नवंबर से नौ दिसंबर के बीच विभिन्न खातों में 90.65 लाख रुपये हस्तांतरित करने के लिए मजबूर किया।’’

उन्होंने बताया कि साइबर अपराधियों ने पीड़िता को जांच में निर्दोष पाए जाने पर धन वापसी का वादा किया था, लेकिन बाद में उनसे सभी प्रकार का संपर्क बंद कर दिया, जिसके बाद महिला को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है।

‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर अपराध का एक बढ़ता हुआ रूप है, जिसमें अपराधी कानून लागू करने वाले अधिकारियों, अदालती अधिकारियों या सरकारी एजेंसियों के कर्मचारियों के रूप में खुद को पेश करते हैं तथा ऑडियो और वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ितों को डराते-धमकाते हैं और उन पर पैसे देने का दबाव डालते हैं।

भाषा शफीक दिलीप

दिलीप


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