मुंबई, पांच सितंबर (भाषा) मुंबई और आसपास के शहरों में शनिवार को कई जगह दही हांडी का आयोजन किया गया और हजारों ‘गोविंदा’ ने मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर लटकाई गई दही से भरी मटकियां फोड़ने की कोशिश की।
इस दौरान मध्य मुंबई के लालबाग और दादर की संकरी गलियों से लेकर ठाणे के बड़े आयोजन स्थलों तक ढोल की थाप गूंजती रही। महीनों के अभ्यास के बाद युवक और युवतियों की ‘गोविंदा’ टोलियां शहर एवं उपनगरों के अलग-अलग हिस्सों में दही हांडी आयोजनों में भाग लेने और लाखों रुपये के इनाम जीतने पहुंचीं।
भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर शुक्रवार आधी रात के बाद महानगर की कई आवासीय सोसाइटी, व्यस्त चौराहों और खुले मैदानों में फूलों तथा गुब्बारों से सजाई गई सैकड़ों ‘हांडियां’ ऊंचाई पर लटकाई गईं।
दही हांडी के तहत युवक और युवतियां कई स्तरों वाले मानव पिरामिड बनाकर जमीन से कई मीटर ऊपर लटकाई गई दही से भरी मटकी फोड़ते हैं।
रंग-बिरंगी पोशाक पहने ‘गोविंदा’ टोलियां सुबह से ही खुले ट्रकों और टेंपो में सवार होकर शहर के प्रमुख आयोजन स्थलों की ओर निकल पड़ीं।
नगर निकाय अधिकारियों ने हांडी फोड़ते समय घायल होने वाले ‘गोविंदाओं’ के उपचार के लिए अस्पतालों में 100 से अधिक बिस्तर और आपात चिकित्सा दल तैयार रखे हैं।
परेल, लालबाग, वर्ली, दादर, भांडुप, मुलुंड, जोगेश्वरी और अंधेरी के अलावा पड़ोसी ठाणे तथा नवी मुंबई में स्पीकर पर लोकप्रिय हिंदी और मराठी गीत बजाए गए जिससे उत्सव का माहौल और जोशीला हो गया।
मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में नेताओं द्वारा आयोजित दही हांडी कार्यक्रम पिछले कुछ वर्षों में आकर्षण के मुख्य केंद्र के रूप में उभरे हैं।
पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने हांडी फोड़ने के दौरान घायल होने वाले ‘गोविंदाओं’ के उपचार के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
महानगरपालिका ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि उसके 16 उपनगरीय अस्पतालों के अलावा सायन स्थित लोकमान्य तिलक महानगरपालिका सामान्य अस्पताल, परेल के केईएम अस्पताल और मुंबई सेंट्रल स्थित नायर अस्पताल में 100 से अधिक बिस्तर तैयार रखे गए हैं।
भाषा सिम्मी नेत्रपाल
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