चिकित्सक पिटाई मामला: शिवसेना के पार्षद म्हात्रे अदालत में पेश हुए, आरोपों से किया इनकार

चिकित्सक पिटाई मामला: शिवसेना के पार्षद म्हात्रे अदालत में पेश हुए, आरोपों से किया इनकार

चिकित्सक पिटाई मामला: शिवसेना के पार्षद म्हात्रे अदालत में पेश हुए, आरोपों से किया इनकार
Modified Date: September 11, 2026 / 05:49 pm IST
Published Date: September 11, 2026 5:49 pm IST

ठाणे, 11 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे स्थित एक सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों की पिटाई के मामले में मुख्य आरोपी, शिवसेना के पार्षद रमेश म्हात्रे शुक्रवार को कल्याण जिला एवं सत्र अदालत में पेश हुए।

पुलिस द्वारा 1,832 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद अदालत में मामले की औपचारिक कार्यवाही शुरू हुई।

कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका के पार्षद म्हात्रे व अन्य आरोपी छह जुलाई को शास्त्री नगर अस्पताल पहुंचे और एक महिला मरीज के इलाज में कथित देरी को लेकर हुए विवाद के बाद उन्होंने चिकित्सकों की पिटाई कर दी।

आरोप पत्र में सह-आरोपी रमेश पवार, प्रमोद निकम, अक्षय करांडे और साधना करांडे के नाम भी शामिल हैं।

पुलिस उपायुक्त अतुल जेंडे और विशेष लोक अभियोजक अधिवक्ता प्रकाश सालसिंगिकर ने कल्याण जिला एवं सत्र अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।

म्हात्रे ने अदालत में पेशी के दौरान अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया।

पुलिस के अनुसार, आरोप पत्र में प्रमुख गवाहों के बयान व साक्ष्य शामिल हैं, जिनमें चिकित्सक, नर्स, अस्पताल कर्मचारी और सीसीटीवी नेटवर्क के ठेकेदारों के बयान भी शामिल हैं।

म्हात्रे शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नीलेश वसाडे की अदालत में पहुंचे।

वह बिना किसी आधिकारिक सुरक्षा घेरे, समर्थकों के काफिले या तामझाम के अदालत पहुंचे।

चेहरे पर मास्क लगाए म्हात्रे केवल दो सहयोगियों के साथ भीड़भाड़ वाले अदालत परिसर से होकर गुजरे।

मुंबई उच्च न्यायालय के जांच में तेजी लाने और मुकदमे की कार्यवाही में देरी नहीं करने के निर्देश के बाद सभी आरोपियों के लिए अदालत में पेश होना अनिवार्य कर दिया गया है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट वसाडे ने शुक्रवार की सुनवाई के दौरान आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत औपचारिक रूप से आरोप तय किए।

अदालत में आरोप पढ़े जाने के बाद म्हात्रे और सह-आरोपियों ने सभी आरोपों से इनकार कर दिया।

म्हात्रे के वकील उमर काजी ने संवाददाताओं से कहा, “आरोप पत्र के आधार पर आरोप तय करने को लेकर आज (शुक्रवार को) अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों की ओर से दलीलें सुनी गईं। अदालत ने भारतीय न्याय संहिता के तहत औपचारिक रूप से आरोप तय किए और हमारे मुवक्किलों ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया।”

उन्होंने कहा, “आरोप पत्र काफी विस्तृत है, इसलिए हमने दस्तावेजों और सामग्री की पूरी तरह जांच के लिए समय देने का अनुरोध किया है।”

काजी ने कहा, “विशेष लोक अभियोजक की ओर से भारतीय न्याय संहिता की धारा 330 के तहत अनुपालन को लेकर अनुरोध किए जाने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख तय की है।”

म्हात्रे के वकील काजी ने कहा कि सह-आरोपी रमेश पवार, प्रमोद निकम और अक्षय करांडे भी अदालत में मौजूद थे।

सह-आरोपी साधना करांडे अभी आधारवाड़ी जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

भाषा जितेंद्र मनीषा

मनीषा


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