महाराष्ट्र में दहेज के मामलों में कमी आई; सरकार ने कार्रवाई तेज की : मंत्री

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महाराष्ट्र में दहेज के मामलों में कमी आई; सरकार ने कार्रवाई तेज की : मंत्री

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  • Publish Date - March 9, 2026 / 04:58 PM IST,
    Updated On - March 9, 2026 / 04:58 PM IST

मुंबई, नौ मार्च (भाषा) मंत्री पंकज भोयर ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र में पिछले पांच वर्षों में दहेज से संबंधित अपराधों में कमी आई है और राज्य सरकार ने सतर्कता समितियों तथा विशेष जांच टीम के माध्यम से इस प्रथा के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।

राज्य विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए भोयर ने कहा कि 2022 में दहेज से संबंधित अपराध के 180 मामले दर्ज किये गए थे, जो 2025 में घटकर 138 हो गए।

मंत्री ने बताया कि राज्य ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अधिसूचित महाराष्ट्र दहेज निषेध नियम, 2003 के माध्यम से दहेज रोधी कानून को लागू किया है।

उन्होंने दहेज से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए राज्य, जिला एवं तालुका स्तर पर दहेज प्रतिषेध अधिकारियों की नियुक्ति और महिलाओं तथा बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के मकसद से पुलिस की एक अलग से शाखा की स्थापना किए जाने समेत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को गिनाया।

उन्होंने कहा कि दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा की शिकायतों के निवारण के लिए महिला हेल्पलाइन, भरोसा सेल, सतर्कता समितियां और विशेष पुलिस जांच दल जैसी व्यवस्थाएं हैं।

मंत्री ने दहेज से संबंधित अपराधों के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि 2021 में 172 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 534 गिरफ्तारियां हुईं और 2022 में दर्ज किए गए 180 मामलों में 515 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

भोयर ने कहा कि 2023 में 170 मामले दर्ज किए गए और 381 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 2024 में 139 मामले दर्ज किए गए और 234 गिरफ्तारियां हुईं, जबकि 2025 में 138 मामले दर्ज किए गए और 313 गिरफ्तारियां हुईं।

भोयर ने कहा कि महाराष्ट्र में 26 नवंबर को दहेज रोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है और इसके अगले सात दिन यानी दो दिसंबर तक दहेज रोधी सप्ताह के रूप में मनाए जाते हैं, जिसके दौरान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

कांग्रेस की ज्योति गायकवाड़ ने कहा कि कानूनी प्रावधानों के बावजूद, दहेज से संबंधित अपराध समाज के लिए एक गंभीर समस्या बने हुए हैं और उन्होंने राज्य में दहेज उत्पीड़न तथा दहेज के कारण होने वाली मौतों के बारे में जिलेवार आंकड़े मांगे।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) विधायक प्रकाश सोलंके ने ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाली समस्याओं के बारे में बात की, जहां सामाजिक और आर्थिक कारणों से कई पुरुष अविवाहित रह जाते हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विक्रम सतपुते ने सवाल उठाया कि क्या सरकार दहेज प्रतिषेध अधिकारियों द्वारा त्रैमासिक रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेगी।

कांग्रेस के नितिन राउत ने कहा कि कानूनों और जागरूकता अभियानों के बावजूद, पीड़ित शिकायत लेकर थानों में जाने से हिचकिचाते हैं।

मंत्री ने अपने जवाब में सदन को आश्वासन दिया कि सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों की जांच की जाएगी तथा उचित उपाय किए जाएंगे।

भाषा यासिर दिलीप

दिलीप