नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के पूर्व कार्यकारी अमिताभ झुनझुनवाला को मुंबई की एक अदालत में पेश करने की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका बुधवार को स्वीकार कर ली।
झुनझुनवाला कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में फिलहाल जेल में बंद हैं।
विशेष न्यायाधीश हसन अंजार ने कहा कि बंदी ट्रांजिट वारंट जारी करके संबंधित कैदी को मुंबई की अदालत में पेश किया जा सकता है।
न्यायाधीश ने कहा, ‘तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद, वर्तमान ट्रांजिट वारंट पर इस शर्त के साथ हस्ताक्षर किए जाते हैं कि संबंधित जेल अधीक्षक वारंट का निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र होंगे, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 304 के अधीन होगा।’
बीएनएसएस का यह प्रावधान ‘जेल प्रभारी अधिकारी को कुछ विशेष आकस्मिक परिस्थितियों में आदेश का पालन करने से बचने’ की शक्ति देता है।
न्यायाधीश ने स्पष्ट किया, ‘यदि जेल प्रभारी या अधीक्षक आदेश को तामील करने में असमर्थ होते हैं, तो वे बीएनएसएस की धारा 304 के तहत अपनी रिपोर्ट भेजने के लिए स्वतंत्र होंगे।’
भाषा सुमित माधव
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