पुणे, 19 जून (भाषा) राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तस्करी गतिविधियों में लिप्त व्यक्ति और दाऊद इब्राहिम के गिरोह से धमकी मिलने का दावा किया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुणे स्थित डीआरआई के सहायक निदेशक रैंक के अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उन्हें तीन मई को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम मुश्ताक शेख बताया। उसने खुद को रिपोर्टर के रूप में काम करने का इच्छुक बताते हुए अधिकारी से बात करने की इच्छा जताई।
शिकायत के अनुसार, कुछ दिनों बाद उस व्यक्ति ने अधिकारी से संपर्क किया और उनसे मुंबई हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों द्वारा जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल फोन छुड़वाने में मदद करने का अनुरोध किया।
उसने दावा किया कि ये सामान दुबई से लौटते समय उससे जब्त किए गए थे।
अधिकारी ने उसकी मांग ठुकरा दी, जिसके बाद उस व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर कई संदेश भेजकर अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर धमकियां दीं।
हाल में दर्ज कराई गई शिकायत में डीआरआई अधिकारी ने आरोप लगाया कि फोन करने वाले व्यक्ति ने दावा किया था कि वह पिछले 30 वर्षों से तस्करी की गतिविधियों में शामिल है और उसके आपराधिक तत्वों से संबंध हैं। शिकायत के अनुसार, उस व्यक्ति ने कथित तौर पर अधिकारी को ‘सबक सिखाने’ और उनके परिवार की गतिविधियों पर नजर रखने की धमकी भी दी।
अधिकारी ने आरोप लगाया कि छह मई को एक अन्य व्यक्ति ने उन्हें फोन किया और दावा किया कि वह पिछले तीन दशकों से दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी के लिए काम कर रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि फोन करने वाले ने आतंक रोधी दस्ते में भी अपनी जान-पहचान होने का दावा किया। अधिकारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि धमकियां न सिर्फ़ उन्हें और उनके परिवार को, बल्कि डीआरआई की पुणे इकाई को भी दी गईं।
अधिकारियों ने बताया कि शिकायत पुणे पुलिस के जबरन वसूली रोधी प्रकोष्ठ को सौंप दी गई है, जो इस मामले की जांच कर रहा है।
भाषा आशीष संतोष
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