नागपुर, 19 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि राज्य के कई जिलों में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है और इस मुद्दे पर कैबिनेट बैठक में विस्तार से चर्चा के बाद मंत्रियों को उनके क्षेत्रों में प्रारंभिक मूल्यांकन व तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि बारिश में आए विराम के कारण फसलों को नुकसान हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “कैबिनेट बैठक में मंत्रियों ने इस पर ध्यानपूर्वक चर्चा की। मैंने उन्हें उनके जिलों में प्रारंभिक मूल्यांकन और तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। मुझे लगता है कि अगले सप्ताह के अंदर हम प्रारंभिक समीक्षा पूरी कर लेंगे। उसके बाद हम आधिकारिक फसल सर्वेक्षण (पंचनामा) करके तत्काल सहायता प्रदान करेंगे।’
उन्होंने कहा कि कर्ज माफी की प्रक्रिया भी जारी है, जिसकी तीन सूचियां जारी की जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा , ‘मैंने आदेश दिया है कि शेष सूचियों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। किसानों को जिस तत्काल सहायता की आवश्यकता है, वह सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। पीने के पानी और चारे के इंतजाम किए जाएंगे।”
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने चार जून को केरलम में दस्तक दी थी, जिसके बाद नौ जुलाई को यह पूरे भारत में सक्रिय हो गया था।
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, देश में 4 जून से 19 सितंबर के बीच राष्ट्रव्यापी स्तर पर बारिश में 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
फिलहाल सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र दक्षिणी प्रायद्वीप है, जहां 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है। महाराष्ट्र इसी प्रायद्वीप का हिस्सा है।
भाषा जोहेब दिलीप
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