मुंबई, 17 मार्च (भाषा) देश की आर्थिक राजधानी मुंबई स्थित दुनिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी की पुनर्विकास परियोजना का कार्य देख रहे अधिकारियों ने पात्रता सर्वेक्षण के लिए दस्तावेज जमा न करने वाले निवासियों को अंतिम नोटिस जारी कर 15 दिन में लंबित दस्तावेज जमा कराने को कहा है।
अधिकारियों ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर दस्तावेज जमा नहीं करने पर पात्रता का निर्धारण उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा।
महाराष्ट्र सरकार के अधीन धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपी)/ झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण द्वारा कार्यान्वित की जा रही इस परियोजना का उद्देश्य एक पारदर्शी और समावेशी पुनर्विकास प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों ने बताया कि घर-घर जाकर किए गए सर्वेक्षण में 91,000 से अधिक इकाइयों का निरीक्षण किया जा चुका है, जबकि लगभग 24,000 इकाइयों का सर्वेक्षण कार्य दस्तावेज नहीं होने या परिवार के मुखिया के अनुपस्थित होने की वजह से पूरा नहीं हुआ है। वहीं, करीब 13,000 इकाइयां अबतक सर्वेक्षण में शामिल नहीं हुई हैं।
भाषा रमण धीरज दिलीप
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