मुंबई, 28 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने शनिवार को पीएनजी कनेक्शनों के तेजी से विस्तार की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते आने वाले महीनों में एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
भुजबल ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि पाइप से मुहैया कराई जाने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की पाइपलाइन बिछाने के लिए मंजूरी प्रक्रिया को तेज किया जाएगा और विभिन्न विभागों से आवश्यक अनुमतियां 24 घंटे के भीतर स्वतः स्वीकृत मानी जाएंगी, ताकि काम में तेजी लाई जा सके।
भुजबल ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय मंत्रियों मनोहर लाल खट्टर, हरदीप सिंह पुरी और प्रह्लाद जोशी के साथ बैठक की। इस बैठक में घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने और इसमें आने वाली बाधाओं की पहचान करने को लेकर पर चर्चा हुई।
भुजबल ने कहा, ‘‘ पीएनजी फिलहाल सस्ता है और इसका अधिकतम इस्तेमाल किया जाना चाहिए। केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार तीन महीने बाद एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसलिए हमें अधिक से अधिक पीएनजी कनेक्शन सुनिश्चित करने होंगे और सभी नगर निकायों को इस काम में तेजी लानी चाहिए।’’
उन्होंने केंद्र सरकार से पीएनजी के व्यापक इस्तेमाल को बढ़ावा देने का आग्रह किया और सुझाव दिया कि नगर निगम भवनों को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट देने से पहले पानी और बिजली की तरह पाइप से मुहैया कराई जाने वाली गैस के कनेक्शन को भी अनिवार्य करें।
गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता जताते हुए मंत्री ने कहा कि जहां एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति पर्याप्त नहीं है, वहां केरोसिन के उपयोग की अनुमति दी गई है।
उन्होंने बताया कि केरोसिन की आपूर्ति पेट्रोल पंपों के माध्यम से करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और पुराने डीलरों के लंबित नवीनीकरण को तत्काल प्रभाव से स्वीकृत माना जाएगा, ताकि आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए।
भाषा रवि कांत रवि कांत माधव
माधव