मुंबई, 27 जनवरी (भाषा) हजारों किसान और आदिवासी भूमि अधिकारों और अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को नासिक से मुंबई की ओर मार्च कर रहे हैं और इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने आज उनके प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधि ने यह जानकारी दी।
पूर्व विधायक जेपी गावित ने पत्रकारों को बताया कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से संबद्ध अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) के नेतृत्व में लाल झंडे लिए प्रदर्शनकारियों ने रविवार को ‘लॉन्ग मार्च’ शुरू किया। इससे पहले नासिक जिले के दिंडोरी तहसील कार्यालय के बाहर किया गया उनका आंदोलन किसी भी ठोस आश्वासन को प्राप्त करने में विफल रहा था।
इसके बाद उन्होंने अपनी मांगों को सीधे राज्य सरकार तक पहुंचाने का फैसला किया और पैदल चलकर मुंबई की ओर कूच किया। उन्होंने अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान आवश्यक भोजन, अनाज, जलाऊ लकड़ी और अन्य आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्था भी कर ली है।
गावित ने बताया कि इस मार्च में बड़ी संख्या में किसान शामिल हैं और उन्होंने पिछले दो दिन में करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय की है और मंगलवार सुबह कसारा घाट से नीचे उतरना शुरू किया। उन्होंने बताया कि अब वे नासिक से निकलकर पड़ोसी ठाणे जिले में प्रवेश कर चुके हैं।
उन्होंने दावा किया कि निरंतर सामूहिक प्रयासों और मीडिया में मार्च के प्रचार-प्रसार के कारण ही राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को मंगलवार को मुंबई स्थित मंत्रालय (सचिवालय) में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है।
गावित ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और अन्य संबंधित मंत्रियों के साथ बातचीत करेगा। प्रतिनिधिमंडल में वह खुद, माकपा के पोलित ब्यूरो सदस्य और एआईकेएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले, किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव अजीत नवले और विधायक विनोद निकोले शामिल हैं।
गावित ने बताया कि नासिक कलेक्टर आयुष प्रसाद के साथ पहले ही एक बैठक हो चुकी है, जिसमें यह सहमति बनी कि स्थानीय मुद्दों का समाधान जिला स्तर पर किया जाएगा, जबकि राज्य स्तरीय मांगों को मुंबई में उठाया जाएगा।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा