सपने से सफलता तक: बारामती की श्रावणी कुदले ने मेहनत और दृढ़ निश्चय से नीट-यूजी में रचा इतिहास

सपने से सफलता तक: बारामती की श्रावणी कुदले ने मेहनत और दृढ़ निश्चय से नीट-यूजी में रचा इतिहास

सपने से सफलता तक: बारामती की श्रावणी कुदले ने मेहनत और दृढ़ निश्चय से नीट-यूजी में रचा इतिहास
Modified Date: July 17, 2026 / 05:58 pm IST
Published Date: July 17, 2026 5:58 pm IST

पुणे, 17 जुलाई (भाषा) वर्षों की तैयारी, कड़ी मेहनत और स्कूल के दिनों में मजबूती से तैयार की गई बुनियादी समझ के परिणामस्वरूप पुणे जिले की बारामती तहसील की श्रावणी कुदले ने नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। उन्होंने 720 में से 710 अंक प्राप्त कर अखिल भारतीय स्तर पर पांचवीं रैंक हासिल की है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 16 जुलाई को नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा के परिणाम घोषित किए। इस वर्ष 11.21 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। नौ मई को आयोजित परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच 12 मई को रद्द कर दिया गया था और इसकी पुनर्परीक्षा 21 जून को कराई गई थी।

देश के शीर्ष सफल अभ्यर्थियों में शामिल श्रावणी अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प की बदौलत मिली इस सफलता से बेहद उत्साहित है। उनकी इसी लगन ने उन्हें चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने के अपने सपने को साकार करने में मदद की है।

श्रावणी ने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं। ऐसा लग रहा है जैसे मेरा सपना सच हो गया है। मैं स्कूल के दिनों से ही नीट में शामिल होने का लक्ष्य लेकर चल रही थी। जब में कक्षा नौ में थी, तभी से मैने इस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। जब में नीट में शामिल हुईं तब तक मेरी तैयारी काफी मजबूत हो चुकी थी।’

पश्चिमी महाराष्ट्र के पुणे जिले के मुख्यतः ग्रामीण बारामती तालुका की रहने वाली श्रावणी ने कहा कि लगातार मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन की बदौलत उन्हें यह सफलता मिली।

पेशे से शिक्षक उनके पिता ने कहा कि परिवार को अच्छे परिणाम की उम्मीद थी, लेकिन यह कभी नहीं सोचा था कि वह राष्ट्रीय स्तर पर इतनी ऊंची रैंक हासिल करेंगी।

उन्होंने कहा, ‘हमें विश्वास था कि वह अच्छा प्रदर्शन करेगी, लेकिन यह उम्मीद नहीं थी कि वह इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करेगी। उसकी कड़ी मेहनत, समर्पण और शिक्षकों के मार्गदर्शन का ही यह परिणाम है। माता-पिता होने के नाते हमें उस पर बेहद गर्व है।’

श्रावणी की मां ने कहा कि देशभर में शीर्ष रैंक हासिल करना आसान नहीं होता, लेकिन उनकी बेटी के दृढ़ संकल्प और समर्पण ने उसे यह मुकाम दिलाया।

उन्होंने कहा, ‘देशभर में शीर्ष रैंक हासिल करना आसान नहीं है, लेकिन मेहनत और लगन की बदौलत श्रावणी ने यह सफलता हासिल की। हमें उस पर बहुत गर्व है।’

श्रावणी ने कहा कि वह शुरू से ही चिकित्सक बनना चाहती थीं और इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर लगातार मेहनत करती रहीं।

नीट-यूजी देशभर के स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा है। यह देश की सबसे बड़ी स्नातक प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर वर्ष लगभग 25 लाख अभ्यर्थी शामिल होते हैं।

नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले के बारे में पूछे जाने पर श्रावणी ने कहा, ‘पहली नीट परीक्षा, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया, उसमें भी मेरा प्रदर्शन अच्छा था। मैंने पुनर्परीक्षा को और बेहतर अंक हासिल करने के दूसरे अवसर के रूप में लिया। हालांकि, पहली परीक्षा की तुलना में दूसरी नीट परीक्षा अधिक कठिन थी।’

भाषा

राखी पवनेश

पवनेश


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